जानिए भारत की सबसे कम सुरक्षित गाड़ियां, सस्ते में खरीदकर हो सकता है पछतावा

REVIEWS ऑटोमोबाइल देश

भारत में सेल होने वाली प्रत्येक कार को द ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम के तहत टेस्ट किया जाता है। जिसमें कार की सुरक्षा की जांच की जाती है। कि दुर्घटना के स्थिति में कार कैसा प्रदर्शन करेगी। उसमें बैठे यात्री सुरक्षित रहेंगे या नहीं। वैसे तो अब देश के कई कार निर्माता ग्राहकों के लिए सुरक्षित वाहन बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

हालांकि, एक रियलिटी-चेक यह भी साबित करता है कि ज्यादातर कारों में कंपनी लागत में कटौती करने के लिए यात्री की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। अपने इस लेख में हम आपके लिए लेकर आएं हैं, 2019 और 2020 के बीच सबसे कम सुरक्षा रेटिंग वाली गाड़ियां। जिन्हें खरीदनें से पहले आपको विचार करने की सख्त जरूरत है।

Maruti S-Presso: इस सूची की पहली कार Maruti S-Presso है। देश की सबसे बड़ी कंपनी होने के नाते मारुति की गाड़ियों में शून्य रेटिंग बड़ी बात है। लेकिन एस-प्रेसो को ग्लोबल NCAP में शून्य रेटिंग दी गई है। इस कार का 64 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से क्रैश टेस्ट किया गया। जिसमें यह कार कुछ खास प्रदर्शन नहीं दिखा पाई। इसकी कीमत 3.70 लाख रुपये से लेकर 5.13 लाख रुपये एक्स-शोरूम दिल्ली तय की गई है। मारुति एस-प्रेसो वर्तमान में तीन वैरिएंट और केवल पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध है।

Datsun Redi-GO: इस सूची की दूसरी कार डैटसन की रेडी-गो है। जब भी सबसे सस्ती गाड़ियों की बात होती है तो इस कार का नाम सबसे पहले नंबर पर आता है। लेकिन सुरक्षा के मामले में यह कार जीरो है। NCAP में इसे 1 स्टार रेटिंग मिलती है। जो सिर्फ वयस्क रहने वाले संरक्षण के लिए है। हालांकि डैटसन रेडी-गो में मानक के रूप में ड्राइवर-साइड एयरबैग आता है। इस कार की वर्तमान में कीमत 2.83 लाख रुपये से लेकर 4.77 लाख रुपये तय की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *