उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं. केदारनाथ धाम पूरी तरह सजकर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है. 22 अप्रैल की सुबह ठीक आठ बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे. इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल होंगे. कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा.
इससे पहले गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा पहले ही शुरू हो चुकी है. अब केदारनाथ के बाद 23 अप्रैल को बदरीनाथ मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जिससे यात्रा पूरी तरह गति पकड़ लेगी.
फूलों से सजाया गया केदारनाथ धाम
कपाट खुलने से एक दिन पहले बाबा केदार की डोली गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रवाना हो चुकी है. पूरे धाम को फूलों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया है. मंदिर परिसर में आध्यात्मिक माहौल के बीच श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. सड़कों की मरम्मत से लेकर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है. पैदल मार्ग पर जगह-जगह शौचालय, विश्राम स्थल, खान-पान और पेयजल की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर विद्युत और सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे रात के समय भी यात्रियों को कोई परेशानी न हो.
चारधाम यात्रा को लेकर तैयारी पूरी
स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है. हर दो किलोमीटर पर स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां डॉक्टर और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. इसके अलावा धाम और यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके.
श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं. गर्म पानी की व्यवस्था के साथ उन्नत शौचालय बनाए गए हैं, जिससे ठंडे मौसम में भी यात्रियों को राहत मिलेगी। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं और पूरे मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है.
केदारनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल पर प्रतिबंध
इस बीच मंदिर समिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केदारनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है. समिति के सदस्य विनीत पोस्ती के अनुसार, मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. अब मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाना, फोटो या वीडियो बनाना और रील्स रिकॉर्ड करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

