साल 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद देश में हुए सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक की आज पहली बरसी मनाई जा रही है. 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की मनमोहक बायसरन की घाटियों में लशकरें तैयबा और उसके मुखौटे टीआरएफ के आतंकियों ने घाटी में घूमने आए 26 निहत्थे हिंदू पर्यटकों को धर्म के आधार पर मौत के घाट उतार दिया था.
इस हमले ने न केवल पूरे देश बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर दिया था, जहां आतंक का वह क्रूर चेहरा सामने आया, जिसमें निर्दोष लोगों को उनकी पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था.
पूरा देश उन 26 लोगों की शहादत को कर रहा नमन
इस हमले की पहली बरसी पर पूरा देश उन 26 लोगों की शहादत को नमन कर रहा है. एक साल बाद भी लोग नम आंखों से उस दर्दनाक नरसंहार को याद कर रहे हैं और बेगुनाहों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. हर ओर से श्रद्धांजलि दी जा रही है और लोग इस त्रासदी को भुला नहीं पाए हैं.
दीवान स्कूल के छात्रों ने मारे गए लोगों को अर्पित की श्रद्धांजलि
जम्मू में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए. दीवान देवी पब्लिक स्कूल के छात्रों ने बायसरन घाटी में मारे गए लोगों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए गायत्री मंत्र का पाठ किया और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर शहीदों को याद किया और उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
इन छात्रों का दावा था कि जिस तरह से आतंकियों ने बेगुनाह 26 लोगों को मौत के घाट उतारा, उसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया था. इन छात्रों का दावा था कि आज भी जब वह उसे दिन को याद करते हैं तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं. जम्मू में कई स्कूलों सामाजिक संगठनो ने पहलगाम हमले में मरेंगे लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

