Silver Price Predictions: भू-राजनीतिक तनावों के मौजूदा दौर में अगर किसी निवेश विकल्प ने निवेशकों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, तो वह सोना और चांदी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी उथल-पुथल, वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और बड़ी कंपनियों में छंटनी के माहौल के बीच जहां शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव और गिरावट देखने को मिल रही है, वहीं सोना और चांदी की चमक लगातार तेज होती जा रही है. हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि असली खेल अभी बाकी है और आने वाले समय में यह खेल खास तौर पर चांदी में देखने को मिल सकता है.
क्यों सोने से ज्यादा बेहतर चांदी?
प्रसिद्ध वित्तीय लेखक रॉबर्ट कियोस्की ने भी चांदी को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि मौजूदा तकनीकी युग में चांदी का महत्व सोने से भी ज्यादा हो गया है. कियोस्की के मुताबिक, सोना और चांदी दोनों ही सदियों से मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होते रहे हैं, लेकिन आज के दौर में चांदी की भूमिका वैसी ही बनती जा रही है, जैसी औद्योगिक युग में लोहे की थी. यानी, चांदी अब सिर्फ एक कीमती धातु नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक की रीढ़ बनती जा रही है.
उन्होंने चांदी की कीमतों में आए लंबे समय के बदलाव का जिक्र करते हुए बताया कि साल 1990 में चांदी करीब 5 डॉलर प्रति औंस के भाव बिकती थी, जबकि 2026 तक यह बढ़कर लगभग 92 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी है. कियोस्की का मानना है कि आने वाले समय में इसमें और जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि भले ही उनका अनुमान गलत भी हो सकता है, लेकिन 2026 में चांदी के दाम 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की पूरी संभावना है.
क्या है चांदी कीमत में बढ़ोतरी की वजह?
चांदी की कीमतों में इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें बताई जा रही हैं. वैश्विक स्तर पर निवेशक इसे सुरक्षित निवेश के तौर पर तेजी से अपना रहे हैं. इसके साथ ही, चांदी की सप्लाई सीमित होती जा रही है, जबकि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एआई सर्वर और अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. भू-राजनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक बाजारों में डर का माहौल और भारतीय रुपये में कमजोरी भी चांदी की कीमतों को ऊपर धकेलने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.
वर्तमान स्थिति की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 95 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी है, जबकि घरेलू बाजार में इसका भाव 3.34 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू चुका है. खास बात यह है कि बीते नौ दिनों से लगातार चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. वहीं, सोने की कीमत भी रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है.

