झारखंड विधानसभा के नेता विपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “मुख्यमंत्री से पूछिए कि यहां प्रतिदिन कितनी गैस और ईंधन की खपत होती है और कितनी आपूर्ति हो रही है. कालाबाजारी पर अंकुश लगाना उनका कर्तव्य है. फिलहाल, देश के कई हिस्सों में उनके अपने सहयोगी कालाबाजारी में लिप्त हैं. उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति से 55 से 56 भरे हुए गैस सिलेंडर बरामद किए गए. ये लोग अराजकता की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.”
दिल्ली में अस्पतालों के बाहर भी संकट की स्थिति
सिलेंडर की कीमत का असर अब दिल्ली के बड़े अस्पतालों के बाहर भी देखने को मिल रहा है. दिल्ली के एम्स और सफदरजंग अस्पताल के बाहर एनजीओ के द्वारा गरीब या मरीजों के परिजनों को जो खाना पहुंचाया जा रहा था, उन गाड़ियों में सिलेंडर की कमी की वजह से कमी देखने को मिली है. मरीज के परिजनों को खाना देने वाले सेवादार ने बातचीत में कहा कि पहले अस्पतालों के बाहर 15 से 17 गाड़ियां आती थीं लेकिन अब वह घटकर 7 से 8 हो गई हैं.

