चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश में पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया है। SIAM के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 के दौरान बिक्री 25.9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 12,73,811 यूनिट तक पहुंच गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद घरेलू बाजार में मजबूत मांग ने ऑटो सेक्टर को रफ्तार दी है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 10,11,884 यूनिट था।
टू-व्हीलर्स की होलसेल बिक्री 20.3 प्रतिशत बढ़ी
सियाम ने बताया कि पहली तिमाही में टू-व्हीलर्स की होलसेल बिक्री 20.3 प्रतिशत बढ़कर 56,28,675 यूनिट रही, जो एक साल पहले की समान अवधि में 46,77,990 यूनिट थी। इनके अलावा, थ्री-व्हीलर्स होलसेल बिक्री भी पहली तिमाही में अब तक के उच्चतम स्तर 2,14,339 यूनिट पर पहुंच गई। ये पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की 1,65,211 यूनिट की तुलना में 29.7 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री भी रिकॉर्ड 2.65 लाख यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 18.3 प्रतिशत
पश्चिम एशिया में तनाव से उत्पन्न हुई चुनौतियों के बावजूद मजबूत प्रदर्शन
SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ऑटो सेक्टर का मजबूत प्रदर्शन घरेलू मांग, कम जीएसटी दरों, सस्ती फाइनेंसिंग और नए मॉडलों की लॉन्चिंग का नतीजा है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की मांग फिलहाल स्थिर बनी हुई है, हालांकि उद्योग जगत भू-राजनीतिक परिस्थितियों, मानसून और ग्रामीण बाजार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
त्योहारी सीजन में मांग स्थिर रहने की उम्मीद
SIAM का मानना है कि जुलाई से सितंबर तिमाही में त्योहारी सीजन के चलते ऑटो सेक्टर में मांग मजबूत बनी रह सकती है। हालांकि, कच्चे माल और अन्य कमोडिटी की बढ़ती लागत अभी भी उद्योग के लिए चिंता का विषय है। संगठन ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक सप्लाई पर पड़ने वाले प्रभावों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ऑटो कंपनियां लगातार नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं।
