बंगाल चुनाव में हार के बाद से ममता बनर्जी की पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है. गुरुवार (11 जून) को टीएमसी के एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने इस्तीफा दे दिया. वे जल्द ही राज्यसभा अध्यक्ष से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे. इससे पहले राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव और शुखेंदु शेखर रॉय तृणमूल कांग्रेस और अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं.
अपने त्यागपत्र में प्रकाश चिक ने लिखा, ‘मैं राज्यसभा सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं. कृपया इसे स्वीकार कर लें. मैं माननीय उपसभापति महोदय और राज्यसभा सचिवालय के सभी पदाधिकारियों का राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान दिए गए सभी सहयोग और सहायता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं.’
सांसद सुष्मिता ने दिया इस्तीफा, पार्टी भी छोड़ी
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार (10 जून) को राज्यसभा के साथ पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के बाद उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जिसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. देव ने अपनी राजनीतिक पारी कांग्रेस से शुरू की थी. कांग्रेस से वह 2014 में असम की सिलचर सीट से सांसद बनीं. 2019 में उनको हार का सामना करना पड़ा. साल 2021 में वह टीएमसी में शामिल हुईं.
तृणमूल कांग्रेस ने सुष्मिता देव को दो बार राज्यसभा भेजा. उनका पहला कार्यकाल अक्टूबर 2021 से अगस्त 2023 तक का था. इसके बाद अप्रैल 2024 में उनका दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ. हालांकि, उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.
शुखेंदु रॉय भी दे चुके इस्तीफा
इससे पहले 8 जून को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा था कि उनका यह फैसला पश्चिम बंगाल में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और जनता के जनादेश को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. रॉय ने कहा, राज्य की जनता ने पूरी तरह से टीएमसी को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि इसकी वजह बंगाल में भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में गिरावट है. इस वजह से जनता में टीएमसी को लेकर असंतोष बढ़ा है.

