फ्रांस में महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। राजधानी पेरिस समेत कई बड़े शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि बढ़ती महंगाई के बीच लोगों को राहत दी जाए, वेतन में सुधार हो और शिक्षा सहित जरूरी सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाया जाए।
24 अक्टूबर को हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक करीब 4 लाख 10 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। हालांकि, कई जगह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन पेरिस, मार्सेई और लियोन सहित कुछ शहरों में बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान 1,314 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार ने हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त की है। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से उठाए गए कदम उनकी मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
अब प्रदर्शनकारी 31 अक्टूबर को फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, 5 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान भी किया गया है। ऐसे में मैक्रों सरकार के सामने जनता का गुस्सा शांत करने और देश में व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।

