कोरोना से हुई मौत पर शिक्षक/कर्मचारियों को भी मिले शहीद का दर्जा -उमेश द्विवेदी

उत्तर प्रदेश

पूरे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से 706 शिक्षकों/कर्मचारियों की कोरोना से मौत (706 Teachers/Employees death) हुई है. यह दावा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया है. शिक्षक संघ ने इसे लेकर चुनाव आयोग से मांग की है कि यूपी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) की मतगणना (Counting) को स्थगित किया जाए. उधर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की इस लिस्ट के बाद पूरे प्रदेश में सियासत गरमा गई है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर पीड़ित परिवार को 50 लाख के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग कर दी है. पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाने पर सवाल खड़े किए हैं.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “यूपी पंचायत चुनावों की ड्यूटी में लगे लगभग 500 शिक्षकों की मृत्यु की खबर दुखद और डरावनी है. चुनाव ड्यूटी करने वालों की सुरक्षा का प्रबंध लचर था तो उनको क्यों भेजा? सभी शिक्षकों के परिवारों को 50 लाख रु मुआवाजा व आश्रितों को नौकरी की माँग का मैं पुरजोर समर्थन करती हूं.”

वहीँ लखनऊ खंड से शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से कहा है की,”अगर पंचायत चुनाव युद्ध नही है तो जरूर टाला जा सकता है खैर अब तो हो भी गया और चुनाव ड्यूटी में लगे हजारों शिक्षकों एवं कर्मचारियों की जान भी ले ली अब परिणाम आना बाकी है जिसमें अभी हजारों मरेंगे लेकिन क्या किया जा सकता है युद्ध तो चुनाव के लिए टाला जा सकता है लेकिन चुनाव/काउंटिंग नही टल सकती तो युद्ध में शहीद सैनिकों की भांति ही चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए”

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शिक्षक संघ का दावा है कि कोरोना की वजह से उन जिलों में अधिक शिक्षकों की मौत हुई है, जहां पंचायत चुनाव हो चुका है. उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि मौत के मुंह में समाने वाले अधिकतर शिक्षक पंचायत चुनाव ड्यूटी के बाद संक्रमित हुए. संघ की ओर से सोमवार को कोरोना के शिकार हुए 706 शिक्षकों के नाम का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा गया है. इस पत्र में लखनऊ मंडल में ही 115 की मौत होने की बात कही गई है.

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