शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में पारंपरिक माओरी ‘पोव्हिरी’ (Powhiri) समारोह के साथ औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया। यह विशेष समारोह न्यूजीलैंड की स्वदेशी माओरी संस्कृति, विरासत और परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। विदेश मंत्रालय ने भी इस स्वागत की जानकारी साझा करते हुए इसे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों का खास पल बताया।
मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं’
प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस सम्मान के लिए न्यूजीलैंड का आभार जताया।
पारंपरिक स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई मजबूती देने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रमुख उद्योगपतियों से भी मिलेंगे मोदी
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को द्विपक्षीय रिश्तों के लिए अहम उपलब्धि बताया और इसे जल्द अंतिम रूप देने पर प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार जताया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी उद्योग जगत, खेल क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों और भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे।
क्या है माओरी लोगों का इतिहास?
माओरी न्यूजीलैंड के स्वदेशी समुदाय हैं, जिनके पूर्वज सदियों पहले पूर्वी पोलिनेशिया से यहां पहुंचे थे। आज उनकी संस्कृति देश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। माओरी भाषा, हाका नृत्य, पारंपरिक कला और ‘पोव्हिरी’ जैसे स्वागत समारोह उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया भर में अलग पहचान दिलाते हैं।
