छठे दौर की बातचीत से पहले कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत बंद की तैयारी

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नये कृषि कानूनों (new farm laws) के खिलाफ किसानों का आंदेलन तेज होता जा रहा है. सरकार और किसानों के बीच हुई अबतक की सभी बैठक बेनतिजा रही है। इसके बाद, अब आठ दिसंबर को किसानों का भारत बंद (Bharat bandh) होगा, और 9 दिसंबर को छठे दौर की वार्ता होगी। इधर, किसानों के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या गहराती जा रही है।

विपक्षी दलों समेत कई क्षेत्रीय संगठनों ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (Farm Law) के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा आठ दिसंबर को किये गए ‘भारत बंद’ (Bharat Band) के आह्वान को रविवार को अपना समर्थन दिया। इन कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन पिछले 11 दिन से जारी है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress Sonia Gandhi), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रमुख एम के स्टालिन तथा गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (PAGD) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत प्रमुख विपक्षी नेताओं ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर किसान संगठनों द्वारा बुलाये गये ‘भारत बंद’ (Farmer Bharat Bandh) का समर्थन किया और केंद्र पर प्रदर्शनकारियों की वैध मांगों को मानने के लिये दबाव बनाया।

शिवसेना के सांसद और उद्धव ठाकरे के खास सिपहसालार संजय राउत ने ट्वीट करके कहा, ‘देश के किसानों की ओर से पुकारे गए राष्ट्रव्यापी बंद को शिवसेना का समर्थन!’ शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट करके कहा, ‘किसान अन्नदाता हैं, इसलिए उनके प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी के नाते देश की जनता को भी किसानों के बंद में स्वेच्छा से हिस्सा लेना चाहिए। शिवसेना किसानों की मांगों और 8 दिसंबर के भारत बंद में उनके साथ है जय हिंद!’

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