नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय को दूर करने वाली और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करने वाली देवी हैं। उनका स्वरूप भले ही उग्र हो, लेकिन वे अपने भक्तों पर ममता और कृपा बरसाती हैं।
मान्यता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने से साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है। इस दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और माता के मंत्रों का जाप करते हैं।
मां कालरात्रि का प्रमुख मंत्र है—‘ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।’ इसके अलावा भक्त ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ सहित अन्य प्रचलित देवी मंत्रों का जाप भी करते हैं। मंत्रों का उच्चारण श्रद्धा और एकाग्रता के साथ करना चाहिए।
पूजा के दौरान मां को लाल फूल अर्पित किए जा सकते हैं। दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती या देवी स्तुति का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। पूजा करते समय स्वच्छता और मन की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
ध्यान रहे कि भय और रोगों से मुक्ति से जुड़ी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। मंत्र जाप आध्यात्मिक शांति दे सकता है, लेकिन बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
इस नवरात्रि मां कालरात्रि की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।
माता कालरात्रि का बीज मंत्र
‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः’
ऊपर दिए गए मंत्र को माता कालरात्रि का बीज मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का जप करने से माता की कृपा भक्तों पर बरसती है। नवरात्रि के सातवें दिन जो भी भक्त इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करते हैं उनकी मनोकामनाओं को माता पूरा कर सकती हैं। आप इस मंत्र का जप 11, 51 या 108 बार कर सकते हैं।
मां कालरात्रि ध्यान मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥
माता कालरात्रि के ध्यान मंत्र का जप करने से अशांति, अज्ञान और रोग-दोष से भक्तों को मुक्ति मिलती है। यह मंत्र भक्तों को ज्ञान के मार्ग पर ले जाने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग इस मंत्र का जप निरंतर करते हैं उनकी बड़ी से बड़ी बीमारी दूर हो सकती है।
माता कालरात्रि का स्तोत्र मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
माता कालरात्रि का स्तोत्र मंत्र जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से भक्तों को आत्मिक और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इस मंत्र का जप करने वाले के घर परिवार में भी खुशियां आती हैं।
मां कालरात्रि का कवच मंत्र
ॐ कालरात्रि महाकाली, कपालि करालिनी।
धर्म पाप नाशिन्यै, रक्षं देहि सदा शिवे॥
माता के कवच मंत्र का जप बेहद शुभ फलदायी माना गया है। इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति को निरोगी काया प्राप्त होती है और साथ ही ज्ञान में भी वृद्धि होती है। नवरात्रि के सातवें दिन इस मंत्र का जप करके आप माता की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
माता कालरात्रि का नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै
माता कालरात्रि के नवार्ण मंत्र का जप करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इस मंत्र का जप आप नवरात्रि के सातवें दिन कर सकते हैं। अगर आप माता दुर्गा के नौ स्वरूप और नौ देवियों से संबंधित चक्रों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस बारे में हमारी वेबसाइट पर विस्तार से लेख पढ़ सकते हैं।

