नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कम से कम 12 लोग अब भी लापता हैं जिनमें से पांच लोग एक ही परिवार के हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद से इन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। आदापुर के अंचल अधिकारी प्रज्ञा नयनम ने बताया कि ये लोग अब तक नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि लापता आठ लोगों में बरवा गांव के संयोग महतो और उची डीह गांव के उमेश प्रसाद तथा बृज किशोर पासवान भी शामिल हैं।
एक परिवार के 5 लोग हुए लापता
अंचल अधिकारी ने बताया कि आदापुर प्रखंड के लाला छपरा गांव के एक परिवार के पांच सदस्य भी आपदा के बाद से लापता हैं। यह परिवार नेपाल के भीमफेदी में रहता था, जहां परिवार के मुखिया बुधन साह कबाड़ की दुकान चलाते थे। आपदा के समय वह सामान लाने के लिए पहाड़ी क्षेत्र में गए हुए थे। उन्होंने बताया, ”बुधन साह की पत्नी मानवी देवी, बेटियां आशा कुमारी, रूपा कुमारी और संध्या कुमारी तथा पोती आयुषी कुमारी लापता हैं।
केसरिया और छौड़ादानो के कई लोग भी लापता
पूर्वी चंपारण के केसरीया-चकिया क्षेत्र के भटहा पंचायत के जागीरहा गांव के तीन लोग भी लापता हैं। चकिया के अनुमंडल अधिकारी शिवानी शिवम और केसरिया के अंचल अधिकारी पूनम मिश्रा ने लापता लोगों की पहचान रामबाबू प्रसाद साह, प्रमोद कुमार साह और मुनील कुमार साह के रूप में की है।वहीं, छौड़ादानो के अंचल अधिकारी रंजन कुमार बैठा ने बताया कि बुधवार को नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद हरदिया गांव का एक निवासी भी लापता है। उन्होंने बताया कि लापता व्यक्ति की पहचान अरमान मियां के रूप में हुई है, जो नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार में दर्जी का काम करता था।
नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता
नेपाल में 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। रविवार को विदेश मंत्रालय ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर बचाए गए 149 लोगों की सूची साझा की। नेपाल में अचानक आयी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कई शव बरामद किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब भी 2,500 से अधिक लोग लापता हैं, जबकि करीब 9,500 लोगों को बचा लिया गया है।





