NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विवाद जारी है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहे हैं और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में होने वाली गलतियों पर रोक लगाना जरूरी है। वहीं, केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं।
याचिका में क्या मांग गई?
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा संचालन को लेकर NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत परीक्षा व्यवस्था बनाने की मांग की है। साथ ही, कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि CBI को पेपर लीक जांच की प्रगति रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर पेश करने का निर्देश दिया जाए।
पूरे साल इस मामले पर नजर रखेंगे- सुप्रीम कोर्ट
NEET-UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जांच और सुधारात्मक कदमों की लगातार निगरानी करेगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें भविष्य में पेपर लीक रोकने के उपायों की जानकारी होगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि हलफनामा मिलने के बाद आगे की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और परीक्षा प्रणाली में मजबूत संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले पर नजर रखी जाएगी।
केंद्र सरकार ने क्या कहा?
NEET-UG पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर छात्रों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी अदालत के सामने रखी जाएगी। सरकार ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र के अनुसार, इस पूरे मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां
•हमें गलतियां होने का सिलसिला खत्म करना होगा
•हम इसकी निगरानी करेंगे
•हम इसके लिए एक्सट्रा माइल जाएंगे
•हमें कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट के बारे में बताएं
•हमें बताएं कि क्वेश्चन पेपर (QP) कैसे पहुंचाए जाएंगे?
•साइबर सिक्योरिटी का पहलू क्या होगा?
•3 अगस्त को अगली सुनवाई होगी
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
26 दिनों के अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। बताया जा रहा है कि सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। सरकार ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के प्रति उसका रुख सकारात्मक है और वह पेपर लीक से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। साथ ही, पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को राहत देने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
