अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA अंतरिक्ष में अपनी उपलब्धियों के बाद अब विमानन तकनीक में भी बड़ा प्रयोग करने जा रही है। NASA का X-70 Fractal एक ऐसा अनोखा विमान है, जिसे यात्री विमान या लड़ाकू जेट के तौर पर नहीं, बल्कि भविष्य की एविएशन टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसकी डिजाइन में बदलाव कर अलग-अलग फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम और नई तकनीकों का परीक्षण किया जा सकेगा। यह उड़ती हुई प्रयोगशाला भविष्य के विमानों की रफ्तार, नियंत्रण और क्षमता को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है। ऐसे में X-70 Fractal को एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में NASA के एक महत्वाकांक्षी प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है NASA का X-70 Fractal विमान?
NASA ने 4 नवंबर 2026 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में आयोजित UP.Summit में अपने नए एक्सपेरिमेंटल विमान X-70 Fractal की पहली झलक पेश की। यह एक मानव चालित विमान होगा, जिसे भविष्य की अत्याधुनिक फ्लाइट टेक्नोलॉजी को परखने के लिए विकसित किया जा रहा है। NASA के अनुसार, विमान में तेजी से कॉन्फिगरेशन बदलने वाली फ्लाइट-कंट्रोल तकनीक होगी। इसकी मदद से विमान के बाहरी और अंदरूनी हिस्सों में बदलाव कर अलग-अलग तकनीकों का परीक्षण किया जा सकेगा। मॉड्यूलर डिजाइन के जरिए वैज्ञानिक और इंजीनियर इसकी उड़ान क्षमता और डायनामिक्स का ऐसे तरीकों से अध्ययन कर पाएंगे, जो पारंपरिक मानव चालित विमानों में अब तक संभव नहीं रहा है।
NASA के प्रशासक जेरेड आइजैकमैन ने कहा, “X-70
NASA के मुताबिक, Fractal को वास्तविक उड़ान के दौरान अत्याधुनिक फ्लाइट-कंट्रोल, मैन्यूवरबिलिटी और अन्य नई तकनीकों के परीक्षण के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका मॉड्यूलर डिजाइन और पेलोड को तेजी से बदलने की सुविधा वैज्ञानिकों को लगातार नए प्रयोग करने और उनके नतीजों से सीखने में मदद करेगी। NASA की योजना है कि X-70 की पहली उड़ान अगले दो वर्षों के भीतर हो सकती है। एजेंसी का कहना है कि X-70 Fractal एयरोनॉटिक्स में नई संभावनाओं की शुरुआत का एक हिस्सा है, जहां इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को नई तकनीक बनाने, उसे परखने और वास्तविक उड़ान में इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।
कितनी होगी विमान की रफ्तार और क्षमता?
NASA के अनुसार, X-70 Fractal की क्रूज स्पीड मैक 0.75 होगी, यानी आवाज की गति की करीब 75% रफ्तार। इसमें करीब 900 किलो का पेलोड ले जाने की क्षमता होगी, जिससे अलग-अलग उपकरणों और तकनीकों का परीक्षण किया जा सकेगा। इसका अधिकतम टेकऑफ वजन करीब 4,536 किलो और सर्विस सीलिंग 45,000 फीट (13.7 किमी) होगी। वहीं, इसकी ऑपरेशनल रेंज करीब 2,777 किमी बताई गई है।
क्या यह लड़ाकू विमान है?
X-70 Fractal की शुरुआती तस्वीर में इसके पिछले हिस्से पर दो तिरछे वर्टिकल टेल फिन नजर आते हैं, जिनकी डिजाइन F-22 रैप्टर और F/A-18 सुपर हॉर्नेट जैसे अमेरिकी लड़ाकू विमानों से मिलती-जुलती दिखती है। यही वजह है कि इसकी डिजाइन चर्चा में है। हालांकि, NASA ने साफ किया है कि X-70 कोई लड़ाकू विमान नहीं है। इसे सैन्य अभियानों के लिए नहीं, बल्कि विमानन क्षेत्र की नई और उन्नत तकनीकों के परीक्षण के लिए विकसित किया जा रहा है।
भविष्य में क्या होगा फायदा?
X-70 Fractal NASA के उन प्रयोगात्मक विमानों की परंपरा को आगे बढ़ाएगा, जिन्होंने अमेरिका को विमानन तकनीक में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। इस विरासत की शुरुआत 1947 के Bell X-1 से हुई, जिसने पहली बार ध्वनि की गति को पार किया था। इसके बाद X-15 और मौजूदा X-59 जैसे X-प्लेन ने उड़ान तकनीक की सीमाओं को आगे बढ़ाया। NASA के मुताबिक, X-70 के जरिए प्रयोगात्मक उड़ान परीक्षणों की क्षमता बढ़ाने के साथ नई तकनीकों के परीक्षण को भी तेज किया जाएगा। इसका मकसद भविष्य की विमानन तकनीक और अगली पीढ़ी के अमेरिकी एयरक्राफ्ट के विकास को गति देना है।

