ShriKrishna JanamBhoomi Mathura

अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला पहुंचा कोर्ट, शाही मस्जिद हटाने की मांग, जानिए क्या है पूरा मामला

NEWS Top News

भगवान राम की नगरी अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य प्रारंभ होने के बीच अब भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि Mathura में भगवान श्रीकृष्ण विरामजमान के नाम से दीवानी का केस दर्ज किया गया है। यह वाद भगवान श्रीकृष्ण विराजमान, कटरा केशव देव खेवट, मौजा Mathura बाजार शहर’ के रूप में जो अगले दोस्त रंजना अग्निहोत्री और 6 अन्य भक्तों ने दाखिल किया है।

श्रीकृष्ण विराजमान ने भी Mathura की कोर्ट में 13.37 एकड़ भूमि को लेकर सिविल मुकदमा दायर किया। इसके साथ ही बगल से शाही ईदगाह मस्जिद हटाने की मांग की गई है। यह केस Mathura की अदालत में दायर किया गया है। इस केस में Shri Krishna Janmabhoomi की 13.37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक देने और वहां से इदगाह मस्जिद को हटाने की अपील की गई है। यह वाद भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की सखा रंजना अग्निहोत्री एवं 6 अन्य लोगों ने दायर किया है।


अदालत में दाखिल मामले में कहा गया है कि मुसलमानों की मदद से शाही ईदगाह ट्रस्‍ट ने श्रीकृष्‍ण से सम्‍बन्धित जन्‍मभूमि पर कब्‍जा कर लिया और ईश्‍वर के स्‍थान पर एक ढांचे का निर्माण कर दिया। भगवान विष्‍णु के आठवें अवतार श्रीकृष्‍ण का जन्‍मस्‍थान उसी ढांचे के नीचे स्थित है। याचिका में यह दावा भी किया गया कि मंदिर परिसर का प्रशासन सम्‍भालने वाले श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान सेवा संस्‍थान ने सम्‍पत्ति के लिए शाही ईदगाह ट्रस्‍ट से एक अवैध समझौता किया। आरोप लगाया कि ‘श्री कृष्‍ण जन्‍मस्‍थान सेवा संस्‍थान’ श्रद्धालुओं के हितों के विपरीत काम कर है इसलिए धोखे से मस्जिद ईदगाह ट्रस्‍ट की प्रबंध समिति ने 1968 में सम्‍बन्धित सम्‍पत्ति के एक बड़े हिस्‍से को हथियाने का समझौता कर लिया।


इसके पहले मथुरा के सिविल जज की अदालत में एक और मामला दाखिल हुआ था जिसे श्रीकृष्‍ण जन्‍म सेवा संस्‍थान और ट्रस्‍ट के बीच समझौते के आधार पर बंद कर दिया गया। 20 जुलाई 1973 को इस सम्‍बन्‍ध में अदालत ने एक निर्णय दिया था। अभी के विवाद में अदालत के उस फैसले को रद्द करने की मांग की गई है। इसके साथ ही यह भी मांग की गई है कि विवादित स्‍थल को बाल श्रीकृष्‍ण का जन्‍मस्‍थान घोषित किया जाए।


मथुरा में Shri Krishna Janmabhoomi को लेकर कोर्ट में सिविल सूट दायर किया गया है। केस सुप्रीम कोर्ट के वकील विष्णु शंकर जैन के साथ भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की सखा रंजना अग्निहोत्री ने दायर किया है। इनकी याचिका में जमीन को लेकर 1968 के समझौते को गलत बताया गया है। विष्णु शंकर जैन के साथ ही रंजना अग्निहोत्री आयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि वाले केस से भी जुड़े हैं। इस याचिका के माध्यम से 13.37 एकड़ की कृष्ण जन्मभूमि का स्वामित्व मांगा है। जिस पर मुगल काल में कब्जा कर शाही ईदगाह बना दी गई थी। शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है। वाद भगवान श्रीकृष्ण विराजमान, कटरा केशव देव खेवट, मौजा Mathura बाजार शहर की ओर से अंतरंग सखी के रूप में अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और 6 अन्य भक्तों ने दाखिल किया है।

इसमें साफ किया गया कि वादी कटरा केशव देव केवट, मौजा मथुरा बाजार के श्रीकृष्ण विराजमान हैं। वकील हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन के मुताबिक यह मुकदमा मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति ने अतिक्रमण को हटाने के लिए दायर किया गया है। वहीं दूसरी ओर मुकदमे में एक बड़ी रुकावट प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 है। इस एक्ट के मुताबिक आजादी के वक्त 15 अगस्त 1947 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्रदाय का था, उसी का रहेगा। इस एक्ट के तहत श्रीरामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को छूट दी गई थी।


अभी कुछ दिन पहले प्रयागराज में अखाड़ा परिषद की बैठक में साधु-संत मथुरा कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर चर्चा की थी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद तथा काशी की ज्ञानवापी मस्जिद को हटाने को अपने एजेंडा में शामिल किया है। संतों ने काशी-मथुरा के लिए लामबंदी शुरू भी कर दी है। अखाड़ा परिषद ने प्रयागराज की अपनी बैठक में काशी और मथुरा के मंदिरों को मुक्त कराने का निर्णय लिया था। मथुरा में जिस भूमि पर ईदगाह मस्जिद है, उस भूमि को Shri Krishna Janmabhoomi कहा जाता है।


अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन कराने वाले वृंदावन के मुख्य पंडित गंगाधर पाठक ने पूजा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की थी कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ एवं मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि भी मुक्त होना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *