बिहार के जमुई जिले में ऐसी घटना हुई है जिसने मानवता को शर्मसार कर के रख दिया है। यहां कुछ शरारती युवकों के द्वारा एक नाबालिग प्रेमी जोड़े के साथ छेड़खानी करने व दुर्व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया है और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जानकारी के अनुसार पुलिस ने अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिखने में 14 से 17 साल की उम्र के लग रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है वह जमुई- लखिसराय बॉर्डर स्थित कुंदर डैम का बताया जा रहा है। वीडियो में कथित तौर पर कुछ शरारती तत्व नाबालिग प्रेमी जोड़े के साथ छेड़खानी करते हुए व परेशान करते हुए दिखाई दिए थे। दोनों नाबालिग प्रेमी जोड़े टाउन थाना क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्ले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रेमी-प्रेमिका स्कूटी से घूमने निकले थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें रोककर कथित तौर पर छेड़खानी की। घटना के दौरान बनाए गए वीडियो को किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
पुलिस ने जारी किया बयान
जमुई पुलिस ने इस घटना को लेकर कहा- जमुई जिला अंतर्गत एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस अत्यंत संवेदनशील मामले को संज्ञान में लेते हुए जमुई पुलिस द्वारा त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जमुई थाना कांड सं०-428/26, दिनांक- 21.09.2026, धारा- 74 /76/3(5) बी०एन०एस० एवं 08/12 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक, जमुई विश्वजीत दयाल के आदेशानुसार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष S.I.T. टीम गठित कर छापेमारी की जा रही है। वायरल विडियो में आरोपियों की पहचान कर ली गई है। तीन आरोपी गिफ्तार। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी जारी एवं अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है। अपलोड वीडियो को टेक डाउन की कार्रवाई की जा रही है।
3 आरोपियों की गिरफ्तारी
इस घटना को लेकर साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला लखीसराय और जमुई के बॉर्डर इलाके का बताया जा रहा है। लड़के और लड़की के बारे में भी पता चल गया है। वहीं, अब एसपी विश्वजीत दयाल की ओर से जानकारी सामने आई है कि इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि “वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की है। पीड़ित नाबालिग छात्र-छात्रा की पहचान कर उनका बयान दर्ज किया गया है। पीड़ित पक्ष से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वीडियो में दिखाई दे रहे सभी युवकों की पहचान कर ली गई है। मामले की जांच चल रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।”
जमुई के डीएम का भी आया बयान
जमुई डीएम नवीन कुमार ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया है कि यह घटना टाउन थाना क्षेत्र में 19 सितंबर के शाम की है। इस घटना के संबंध मे पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली थी, पर सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर पुलिस ने अनुसंधान करते हुए पीड़ितों की पहचान की और पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गयी है। दोषियों को चिन्हित कर लिया गया है और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
राहुल गांधी ने जारी किया बयान
इस घटना की कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी निंदा की है। उन्होंने X पर लिखा- “बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे। इन लोगों को ऐसी बदतमीजी करने का हक किसने दिया? यह “संस्कृति” नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर ‘अंधभक्त’ ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है। उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?”

