अमेरिका और भारत के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में गुजरात के जामनगर से अहम संकेत मिले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को मुकेश अंबानी की रिलायंस रिफाइनरी का दौरा किया। वह जामनगर एयरफोर्स एयरपोर्ट से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रिफाइनरी पहुंचे। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान वेनेजुएला के कच्चे तेल की प्रोसेसिंग की संभावनाओं पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है।
गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस रिफाइनरी दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग केंद्रों में से एक है। यहां विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस कर पेट्रोल, डीजल समेत अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं। मार्को रुबियो का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और अमेरिका ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, वेनेजुएला के तेल को लेकर किसी समझौते या अंतिम फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वेनेजुएला के तेल पर क्यों हो सकती है चर्चा?
वेनेजुएला कच्चे तेल के विशाल भंडार के लिए जाना जाता है, लेकिन उसके तेल की प्रोसेसिंग के लिए विशेष तकनीक और सुविधाओं की जरूरत होती है। ऐसे में रिलायंस की अत्याधुनिक रिफाइनरी अहम साबित हो सकती है। मार्को रुबियो के दौरे के दौरान वेनेजुएला के तेल की प्रोसेसिंग की संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसी संभावित कारोबारी समझौते को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी नजर
मार्को रुबियो का जामनगर दौरा भारत यात्रा के दूसरे चरण का हिस्सा है। इससे पहले मुंबई में उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों ने व्यापार समझौते पर जारी बातचीत में हुई प्रगति पर संतोष जताया और इसे जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की।

