पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को है. जिन जगहों पर वोटिंग होनी है, वहां शराब की बिक्री बंद कर दी गई है. जबकि आमतौर पर चुनाव से 2 दिन पहले शराब की बिक्री पर रोक लगती है, लेकिन कई कारणों से बंगाल में ये प्रतिबंध समय से पहले ही लागू कर दिया गया है. चुनाव आयोग ने एक बयान में बताया कि शराब की बिक्री में असामान्य रूप से तेजी देखी गई है.
चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा, “पिछले साल की तुलना में इस साल अप्रैल के दौरान WBSBCL (West Bengal State Beverages Corporation Ltd) डिपो से खुदरा विक्रेताओं द्वारा पैकेट वाली शराब उठाने में भी अचानक वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं मानदंडों के आधार पर पहचाने गए संवेदनशील दुकानों की संख्या में भी असामान्य बढ़ोतरी हुई है.
आयोग ने बताया कि शराब की निगरानी से जुड़ी गतिविधियों और अन्य चीजों के आंकलन के बाद उन्होंने शराब बिक्री पर रोक के समय को बढ़ाने का फैसला लिया है. बताया गया कि अप्रैल, 2026 में शराब की बिक्री 2025 की इसी अवधि की तुलना में अधिक रही है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 294 सीट हैं, मतदान 2 चरण में हैं. गुरुवार, 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होने हैं. 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान हैं. परिणाम की घोषणा 4 मई को होगी. इस बार माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी टक्कर मिलेगी.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बंगाल में निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. वहीं TMC आरोप लगा रही है कि आयोग भारतीय जनता पार्टी की मदद कर रहा है. इन आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज किया.

