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गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर जान लें ये 10 बेहद खास बातें, 29 अप्रैल को PM मोदी करने वाले हैं उद्घाटन

उत्तर प्रदेश में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत डीबीएफओटी (टोल) आधार पर विकसित की गई 593.947 किलोमीटर लंबी एक्सेस कंट्रोल्ड सिक्स लेन गंगा एक्सप्रेसवे खास है। पीएम मोदी इसका उद्घाटन 29 अप्रैल को करने जा रहे हैं। करीब 37,000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्सों से जोड़ते हुए यात्रा समय को काफी कम करेगा। इतना ही नहीं, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे। यहां हम इस एक्सप्रेसवे से जुड़ी 10 खास बातों पर चर्चा करते हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ीं 10 अहम बातें
‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का निर्माण मेरठ जिले में N.H. 334 से शुरू होकर प्रयागराज जिले में खत्म हुआ है। इस एक्सप्रेसवे की आधारशिला 18 दिसंबर, 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा शाहजहांपुर जिले में रखी गई। ये एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जुदापुर दांडू गांव तक है।
यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का है, जिसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है और इसकी सभी संरचनाओं का निर्माण 8 लेन की चौड़ाई के अनुसार किया गया है। एक्सप्रेसवे के ROW (राइट ऑफ वे) की चौड़ाई 120 मीटर है। एक्सप्रेसवे के एक तरफ 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड का निर्माण ‘स्टैगर्ड’ (आगे-पीछे) रूप में किया गया है, ताकि परियोजना क्षेत्र के आस-पास के गांवों के निवासियों को सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।
एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी घट जाएगी, जो पहले के मुकाबले काफी कम है। मेरठ से प्रयागराज के सफर में पहले 12-14 घंटे लगते थे, जो घटकर मात्र 6-7 घंटे रह जाने वाले हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का तीसरा ऐसा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है, जहां फाइटर जेट और मालवाहक जहाज लैंड कर सकेंगे। इसके लिए शाहजहांपुर जिले में साढ़े तीन किलोमीटर लंबा रनवे बनाया गया है। हाल ही में इस पर ट्रायल भी किया जा चुका है।
एक्सप्रेसवे पर नौ सुविधा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पेट्रोल पंप, CNG स्टेशन और एक साथ 4 कारों और 2 ट्रकों को चार्ज करने वाले EV चार्जिंग पॉइंट्स भी इन्स्टॉल किए गए हैं।
‘गंगा एक्सप्रेसवे’ उत्तर प्रदेश के 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को आपस में कनेक्ट कर देगा। इससे लोगों को कम समय में आने-जाने में काफी सहूलियत होगी।
‘गंगा एक्सप्रेसवे’देश का ऐसा पहला एक्सप्रेसवे होगा, जहां दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिलेगी, जिसके लिए निजी अस्पतालों से करार भी किया गया है।
अगर आप कार जीप और अन्य छोटी गाड़ियों से मेरठ से प्रयागराज जाएंगे तो आपको 1515 रुपये का टोल चुकाना होगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर कार और हल्के वाहनों के लिए अनुमानित टोल दर 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। यानी मेरठ से प्रयागराज तक कार से यात्रा करने पर करीब 1515 रुपये टोल आपको देना है।
एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर अत्याधुनिक कैमरे और हाईटेक सर्विस सिस्टम लगाए गए हैं। शुरुआती ट्रायल के दौरान देखा गया कि फास्टैग स्कैन होते ही टोल बूम 1 से 1.5 सेकंड में खुल गया। कई वाहन बिना ब्रेक लगाए टोल प्लाजा से गुजरते नजर आए।
गंगा एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर गाड़ियों की डिजिटल एंट्री रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे पूरी यात्रा ट्रैक की जा सकेगी। जैसे ही वाहन एक्सप्रेसवे से बाहर निकलेगा, सिस्टम अपने आप तय दूरी के आधार पर टोल कैलकुलेट कर लेगा।

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