Puja Vidhi and Vrat

जानिए कब होगा चांद का दीदार,किसका रखें विशेष ध्यान

देश धर्म

पति की लंबी उम्र की कामना के साथ Karwa Chauth का व्रत रखने वालीं महिलाओं को बुधवार देर शाम को चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार है। आइये हम बताते हैं कि दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, गाजियाबाद में कब चांद का दीदार होगा? जिसे देखकर सुहागिनें अपने व्रत तोड़ेंगीं।

बता दें कि पति-पत्नी के आपसी विश्वास और प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला Karwa Chauth त्योहार देशभर में मनाया जा रहा है। इससे पहले शादीशुदा युवतियां और महिलाएं जहां मंगलवार देर रात तक हाथों पर पिया के नाम की मेहंदी रचाती रहीं तो वहीं, दूसरी ओर एक-दूसरे से दूर रह रहे पति-पत्नी शुभकामना संदेश भी भेज रहे हैं।


बता दें कि Karwa Chauth में महिलाओं के लिए चांद का दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। सुबह से निर्जला व्रत रखते हुए जब रात को चांद के दर्शन होते तब Karwa Chauth का व्रत पूरा माना जाता है। दिल्ली से सटे नोएडा सेक्टर 19- स्थित सनातन धर्म मंदिर के पुजारी वीरेंद्र नंदा का कहना है कि Karwa Chauth के दिन मंदिर में आने वाली महिलाओं को शारीरिक दूरी का पालन करते हुए कथा सुनाई जाएगी। उनके बैठने के लिए जगह चिन्हित की जा रही है, ताकि Corona के चलते शारीरिक दूरी के लिए 6 फीट की दूरी बनी रहे। वहीं, थाली बांटने की रस्म महिलाएं घर में ही पूरी कर सकती हैं। एक हाथ में थाली और दूसरे हाथ में थाली लेते हुए उन्हें आपस में बांट लें।


पति-पत्नी के समर्पण का त्योहार करवा चौथ

हिंदू पंचांग की गणना के मुताबिक, हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का त्योहार पूरे देश में मनाया जाता है। यहां तक कि अब तो विदेशों में भी यह त्योहार मनाया जाने लगा है। इस बार यह त्योहार 04 नवंबर को है। Karwa Chauth का व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन रखा जाता है।ऐसा कहा जाता है कि सुहागिन युवतियों और महिलाओं के त्याग और तप का फल उन्हें जरूर प्राप्त होता है। पूजा के दौरान शिव-पार्वती और गणेश भगवान की पूजा की जाती है। चांद निकलने पर अर्घ्य देकर छलनी में पति का चेहरा देखा जाता है। पति के हाथों पानी पीकर व्रत पूरा किया जाता है।
क्या होती है करवा चौथ की विधि

देश में Karwa Chauth त्योहार के रोज सुहागिन महिलाएं-युवतियां अपने पति की लंबी आयु और उनकी सुख-समृद्धि की कामना के लिए कठिन व्रत रखती हैं। इसी के साथ Karwa Chauth पर सुहागिनें करवा माता के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं। Karwa Chauth पर रखा जाने वाला यह व्रत काफी कठिन होता है। ऐसे में इस दिन महिलाएं पूरे दिन बिना पानी पीए उपवास रखती हैं। रात को चांद के दर्शन और पूजा के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करती है। Karwa Chauth में चांद का दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। सुबह से निर्जला व्रत रखते हुए जब रात को चांद के दर्शन होते तब करवा चौथ का व्रत पूरा माना जाता है।
दिल्ली-एनसीआर में यह है पूजा का मुहूर्त

चतुर्थी तिथि: चार नवंबर सुबह 3:24 बजे से 5 नवंबर सुबह 5:14 बजे तके।

करवा चौथ मुहूर्त: बुधवार शाम 5:29 बजे।

चंद्रोदय : बुधवार रात 8 :16 बजे।

आपके शहर में कब दिखेगा चांद

प्रयागराज- 20:19
मेरठ- 20:31
गया- 20:07
मुंबई- 21:05
इंदौर- 20:48
पुणे- 21:02
लखनऊ- 20:21
वाराणसी- 20:14
गाजियाबाद- 20:33
पटना- 20:05
रांची- 20:07
बरेली- 20:25
भागलपुर- 19:58

सुहागिन महिलाएं-युवतियां चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करें। इसके बाद व्रत खोलने के बाद पति और परिवार में अन्य बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पूजा की थाली में छलनी, आटे का दीया, फल, ड्राईफ्रूट, मिठाई और दो पानी के लोटे होने चाहिए।

कैसे दें चंद्रमा को अर्घ्य

जानकारों की मानें तो सुहागिन युवतियां-महिलाएं जिस चुन्नी को ओढ़कर कथा सुनें फिर उसी चुन्नी को ओढ़कर चंद्रमा को अर्घ्य दें। छलनी में दीया रखकर चंद्रमा को उसमें से देखें और फिर उसी छलनी से तुरंत अपने पति को देखें। इसके बाद आप बायना (खाना और कपड़े, दक्षिणा ) निलाकर अपने बड़ों को दें और फिर खाना खाएं। इस दिन लहसुन-प्याज वाला और तामसिक खाना न बनाएं।

प्रेम भरे संदेश ऐसे पति-पत्नी वॉट्सएप मैसेज, वॉट्सएप स्टेटस, फेसबुक मैसेंजर और Facebook के जरिये भेज रहे हैं तो साथ-साथ हैं यानी नौकरी आदि के सिलसिले में दूर नहीं रह रहे हैं। इस तरह के संदेश आप भी भेज सकते हैं। पति-पत्नी द्वारा एक-दूजे को भेजे गए ये संदेश न केवल भावनात्मक रूप से एक-दूसरे को मजबूत करेंगे, बल्कि प्यार में भी इजाफा करेंगे।


मोहब्बत में Karwa Chauth पर चांद भी होगा दीवाना,

मोरे सजना इस जनम में नहीं हर जनम साथ निभाना।

हैप्पी करवा चौथ

खुदा करे कि ये दिन बार-बार आए,

मेरी दुआ है कि हजार बार आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *