जेडीयू-बीजेपी में सबकुछ ठीक ? RCP का इस्तीफा और नितीश PM मोदी की मीटिंग से नदारद

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक महीने के अंदर दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे। सोमवार, 8 अगस्त 2022, को पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की दिल्ली में बैठक होने जा रही है और इस बैठक में सीएम नीतीश कुमार शामिल नहीं होंगे। कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोरोना से उबरे हैं। नीतीश कुमार नीति आयोग की बैठक में डिप्टी सीएम को भेजना चाहते थे लेकिन उनको बताया गया कि इस बैठक में केवल मुख्यमंत्री ही शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, सूत्रों ने बताया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रत्येक सोमवार को होने वाले जनता दरबार में मौजूद रहने की संभावना है। गौरतलब है कि सीएम नीतीश के अस्वस्थ रहने के कारण जनता दरबार कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो रहा था। बता दें कि नीतीश कुमार नीति आयोग की रैंकिंग से नाराज रहते हैं, नीति आयोग की रैंकिंग में बिहार को विकसित राज्यों में सबसे हमेशा नीचे रखा जाता है और इसे लेकर नीतीश कुमार ने अपनी नाराजगी भी जताई है।

मालूम हो कि पिछले महीने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तत्कालिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए पीएम मोदी द्वारा आयोजित रात्रिभोज और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए थे। नीतीश कुमार ने उस बैठक में राज्य के डिप्टी सीएम को भेजा था।

वहीँ दूसरी तरफ कभी सीएम नीतीश कुमार का दाहिना हाथ माने जाने वाले आरसीपी सिंह ने भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद शनिवार को जेडीयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।सरकारी कर्मचारी से केद्रीय मंत्री तक का सफर तय कर चुके आरसीपी सिंह ने इस्तीफा देते हुए कहा- “मेरे खिलाफ ये सभी आरोप कुछ लोगों द्वारा एक साजिश के तहत लगाए गए हैं, जो मेरी बढ़ती लोकप्रियता से डरते थे। इस दौरान उन्होंने जेडीयू को डूबता हुआ जहाज करार देते हुए कहा कि जेडीयू में अब क्या रखा है? इसके साथ ही आरसीपी सिंह ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का भी संकेत दिया।

आरसीपी सिंह इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। पिछले महीने जुलाई में तेलंगाना में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान जब आरसीपी सिंह पहुंचे तो उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगने लगी। हालांकि बीजेपी ने इस बारे में बयान जारी कर कहा था कि आरसीपी सिंह एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने तेलंगाना पहुंचे थे।

गौरतलब है कि आरसीपी सिंह के खिलाफ पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर विरोध की आवाज लगातार उठ रही थी। पिछले साल जेडीयू अध्यक्ष रहते हुए आरसीपी सिंह से पार्टी उम्मीद कर रही थी कि वो केंद्रीय नेतृत्व से पार्टी के लिए अधिक सीटों को लेकर बात करेंगे लेकिन आरसीपी सिंह ने उस वक्त केंद्रीय मंत्रिमंडल में खुद के लिए एक बर्थ स्वीकार कर लिया। आरसीपी सिंह के इस फैसले से भी जेडीयू नेताओं में रोष था।