श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब शुक्रवार सुबह लैंडिंग के बाद यात्रियों वाला एक विमान टैक्सी करते हुए एयरोब्रिज की ओर जा रहा था और रनवे पर एक पोल से टकरा गया.
अधिकारियों के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6E 225 ने सुबह नवी मुंबई से उड़ान भरी थी और शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी थी. अधिकारियों ने बताया, “नवी मुंबई से श्रीनगर जाने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E 225 (VT-NOG) के साथ श्रीनगर एयरपोर्ट पर बे नंबर 06 पर पार्क किए जाते समय एक घटना हुई. पार्किंग की प्रक्रिया के दौरान विमान VDGS पोल से टकरा गया.”
अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह मुंबई से श्रीनगर आई इंडिगो फ्लाइट से जुड़ी एक मामूली घटना थी और हादसे की वजह का पता लगाया जा रहा है. “घटना की वजह और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी तय प्रक्रियाओं के अनुसार करेंगे.” अधिकारियों ने कहा, “जांच पूरी होने के बाद ही सही वजह का पता चलेगा और अभी इस बारे में कोई नतीजा नहीं निकाला जा रहा है.”
हालांकि, इंडिगो या एयरपोर्ट अधिकारियों ने अभी तक फ्लाइट में सवार यात्रियों और क्रू की सही संख्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.
सभी यात्री सुरक्षित
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के शुरुआती बयानों से सिर्फ़ यह पुष्टि हुई है कि सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित और बिना किसी चोट के हैं. पार्किंग के दौरान विज़ुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS) के पोल से टकराने के बाद वे सामान्य तरीके से विमान से सुरक्षित बाहर निकल आए.
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस टक्कर से विमान के अगले हिस्से (नोज़ कोन/नोज़ सेक्शन) को नुकसान पहुंचा है.
श्रीनगर एयरपोर्ट के डायरेक्टर जावेद अंजुम ने कहा कि एयरपोर्ट का कामकाज सामान्य है और फ्लाइट का आना-जाना तय समय के अनुसार हो रहा है. श्रीनगर एयरपोर्ट सभी यात्रियों और स्टेकहोल्डर्स के लिए सुरक्षित और सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
इस रूट पर चलने वाला विमान एयरबस A320 है, जिसमें आम तौर पर ज़्यादा से ज़्यादा 180 से 186 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है, जिससे पता चलता है कि इसमें सवार लोगों की कुल संख्या इसी दायरे में थी.
अभी सुरक्षा टीमों और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा विमान की जांच की जा रही है. चूंकि यात्री बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकल आए, इसलिए जान का कोई खतरा नहीं है, लेकिन विमान की अगली निर्धारित उड़ान में देरी हो सकती है.

