मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं का उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि करीब 5,200 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने इसी धरती पर प्रकट होकर आर्यावर्त में धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना का कार्य किया था.
उन्होंने कहा कि सनातन की आस्था को मिटाने के लिए अनेक आक्रमण हुए और कई लोगों ने अपनी आस्था भारत पर थोपने का प्रयास किया, लेकिन सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया. आस्था मिटाने का प्रयास करने वाले खुद मिट गए और सनातन की आस्था को मिटाने वाले मिट्टी में मिल गए. सीएम ने अयोध्या और काशी की चर्चा करते हुए कहा कि मथुरा में अयोध्या-काशी जैसा भव्य परिसर हो.
कृष्ण आज भी उतने ही प्रासंगिक- योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने करीब 5,000 वर्ष पहले जो उद्घोष किए थे, वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं. समाज की विरोधी ताकतों को कुचल दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जो भी ताकतें भारत की एकता, अखंडता और आस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगी, उनका अंजाम क्या होगा, यह भगवान श्रीकृष्ण ने हजारों वर्ष पहले ही बता दिया था. जहां भी अच्छाई की ताकतें होंगी, उनकी हर हाल में रक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने सत्य और न्याय की स्थापना की और उनकी आस्था आज भी समाज को प्रगति की गति देने का काम करती है.
सीएम ने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन और उनका संदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है. ब्रजभूमि ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में श्रीकृष्ण और राधा रानी की स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्साह और प्रगति का वातावरण तैयार करती हैं. उन्होंने कहा कि भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भारत की आस्था को चोट पहुंचाने का काम करने वालों की कंस जैसी दुर्गति तय है.
आज एक नई अयोध्या दिखाई दे रही- सीएम
अयोध्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक नई अयोध्या दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि जब लोग अयोध्या जाते हैं तो ऐसा लगता है जैसे प्रभु श्रीराम स्वयं अयोध्या में पधार चुके हैं. उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले अयोध्या की ऐसी भव्यता की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. पहले वहां की अराजकता देखकर श्रद्धालु दुखी होते थे, लेकिन आज अयोध्या का स्वरूप बदल चुका है. उन्होंने मथुरा में भी अयोध्या और काशी की तर्ज पर भव्य परिसर विकसित करने की बात कही.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से करीब 500 वर्ष पहले, वर्ष 1528 में विदेशी आक्रांता बाबर ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था. उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को अविजित मानते थे, आज उन्हें ढूंढने पर भी नहीं पाया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों को अयोध्या का नया स्वरूप अच्छा नहीं लग रहा है, वे अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं. योगी ने कहा कि बाबरी और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का प्रयास कर रहे हैं और सवाल किया कि बाबर का सम्मान करने वाले लोग भारत के लोगों का सम्मान कैसे कर पाएंगे?

