Mirzapur

‘मिर्जापुर’ की सीधी-साधी ‘डिंपी’, पढ़ाई-लिखाई में अव्वल हर्षिता गौर, इंजीनियरिंग छोड़ चुनी ग्लैमर की दुनिया

जब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज हुआ तो पूर्वांचल की गद्दी को लेकर छिड़ी जंग के बीच दर्शकों की निगाहें एक बार फिर उस शांत लेकिन मजबूत चेहरे पर जा टिकीं, जिसने गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच भी अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। हम बात कर रहे हैं गुड्डू पंडित की बहन ‘डिम्पी पंडित’ की। सिनेमाघरों में बड़े पर्दे पर पहली बार उतर रही इस फ्रैंचाइजी में जहां कालीन भैया, गुड्डू और मुन्ना भैया के बीच वर्चस्व की लड़ाई नए मुकाम पर पहुंचेगी, वहीं डिम्पी का किरदार भी कहानी के केंद्र में नजर आएगा। लेकिन इस सादगी भरे किरदार को पर्दे पर जीवंत करने वाली अभिनेत्री हर्षिता गौर की वास्तविक जिंदगी किसी फिल्मी पटकथा से कम दिलचस्प नहीं है।


दिल्ली के एक प्रतिष्ठित संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने वाली हर्षिता गौर पढ़ाई-लिखाई में हमेशा अव्वल रहीं। वे एक स्कॉलरशिप होल्डर छात्रा थीं, जिनके सामने कॉर्पोरेट जगत के कई रास्ते खुले थे। हालांकि, उनकी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। तकनीक और सर्किट बोर्ड्स की दुनिया से निकलकर उन्होंने अपनी रचनात्मकता को उड़ान देने का फैसला किया। उन्होंने विज्ञापन जगत से अपने सफर का आगाज किया और जल्द ही ‘डाबर वाटिका’, ‘सनसिल्क’ और ‘रेनॉल्ट’ जैसे देश के अग्रणी ब्रांड्स का चेहरा बन गईं।


कैमरे के सामने उनकी सहजता ने निर्देशकों का ध्यान खींचा, जिसके बाद 2013 में आए यूथ शो ‘सड्डा हक’ में मुख्य भूमिका निभाकर उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपना पहला कदम मजबूती से रखा। साल 2018 में जब ‘मिर्जापुर’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आया, तो उसने भारतीय ओटीटी का परिदृश्य ही बदलकर रख दिया। हिंसा, गाली-गलौज और बदले की आग से भरी इस काल्पनिक दुनिया में हर्षिता गौर का किरदार ‘डिम्पी पंडित’ एक ताजी हवा के झोंके की तरह था।


एक ऐसी लड़की जो परिवार के प्रति पूरी तरह से समर्पित है, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करती। तीन सीजनों के दौरान दर्शकों ने डिम्पी को एक मासूम लड़की से एक परिपक्व और निडर महिला के रूप में ढलते देखा, लेकिन हर्षिता की प्रतिभा सिर्फ डिम्पी के किरदार तक सीमित नहीं है। वे एक प्रशिक्षित कथक नर्तकी भी हैं, जिन्होंने देश भर में कई स्टेज शो किए हैं।


हर्षिता मानती हैं कि शास्त्रीय नृत्य के रियाज ने उनके हाव-भाव, आंखों की भाषा और किरदारों की गहराई को समझने में बड़ी मदद की है। यही वजह है कि ‘सेक्रेड गेम्स 2’, ‘पंच बीट’, ‘जहानाबाद’ और तेलुगु फिल्म ‘फलकनुमा दास’ जैसे विविध प्रोजेक्ट्स में भी उनके काम को खूब सराहा गया। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ इस बार ओटीटी के छोटे पर्दे से निकलकर 4 सितंबर को सिनेमाघरों में विशाल रूप में पेश होने जा रही है।


एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा निर्मित यह फिल्म इस बार पूर्वांचल की तंग गलियों से निकलकर राजस्थान के रेगिस्तानों तक अपना दायरा बढ़ा रही है। गैंगवार, राजनीति और बदले के इस महाकुंभ में जब डिम्पी पंडित का किरदार बड़े पर्दे पर उतरेगा, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि बी.टेक की पढ़ाई छोड़कर अभिनय का रास्ता चुनने वाली हर्षिता गौर अपनी इस नई पारी में दर्शकों का कितना दिल जीत पाती हैं।

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