
कोरोना महामारी जिस तरह से पूरे देश में तेजी से पाॅव फैलाता जा रहा है।बिहार में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या अब 650 से ज्यादा पहुंच गया है।इसको देखते हुए राज्य सरकार कोरोना संक्रमित मरीजों के सुरक्षा एवं रोकथाम के लिए पर्याप्त तैयारी के लिए जी जान से लगी हुई है। कोरोना महामारी को लेकर एक ओर जहाॅ विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है चाहे वह प्रवासी मजदूर को लेकर हो अन्यथा सरकार द्वारा बनाए गए कोविड केयर सेंटर के व्यवस्था का लेकर।विपक्ष का हमेशा से आरोप रहता है कि संक्रमित मरीजों को रखे गए आइशोलेशन सेंटर में मरीजों के सुविधा और सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से बेहद खराब इंतजाम किए गए हैं।

विपक्ष के इन आरोपों के मद्देनजर हमने कोरोना आईसोलेशन सेंटर का जायजा लेने का सोचा और प्रथम चरण में हमने कोरोना संक्रमण से सर्वाधित प्रभावित जिला मुंगेर का जायजा लिया था।हमने सर्वप्रथम वैसे सेन्टर का दौरा किया जिसके विषय में हमें पता चला कि वहाॅ की व्यवस्था अच्छी है। हमने पहले चरण में संग्रामपुर प्रखंड के रैन शेल्टर मौजमा कोरेन्टीन सेन्टर का जायजा लिया,जहाॅ जिलाधिकारी राजेश मीणा के आदेश पर प्रवासी मजदूरों को सुबह में योगा और व्यायाम तक कराया जाता है।इसके साथ ही हमें वहाॅ की व्यव्स्था काफी चाक-चैबंद दिखी।हमारी लाईव रिपोर्टिंग मुंगेर के अन्य सेंटरों में अभी जारी रहेगी।

इसी क्रम में जब हमारे संवाददाता को यह जानकारी मिली कि मधुबनी के जिलाधिकारी आज रामपट्टी स्थित कोविड केयर सेंटर के निरीक्षण में आ रहे है तो हमें यह समय उपयुक्त लगा ताकि अगर कोई कमी दिखे तो तत्काल जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया जा सकें।रामपट्टी में निर्माणाधीन जीएनएम इंन्स्टीच्यूट को ही 100 बेड का कोविड सेंटर बनाया गया है।कोविड केयर सेंटर में साफ-सफाई,खान-पान और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारी पूरे तरीके से चाक चैबंद थी।चूॅकि मधुबनी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 24 पहुंच गई है तो हमने पाया कि जिलाधिकारी डाॅ निलेष देवडे स्वयं क्लोज माॅनिटरिंग कर रहे है।इसका अहसास आपको कोबिड सेंटर पहुचने पर ही हो जाएगा जिस तरीके से हर छोटी छोटी चीजों पर भी जिलाधिकारी स्वयं अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
हमारी पडताल में हमने एक चीज तो पाया कि जिन जिलों में जिलाधिकारी स्वयं कोरोना महामारी से निपटने के लिए युद्धस्तर पर लगे हुए है वहाॅ की व्यवस्था अच्छी है।जिन तीन जिलों का प्रथम स्तर का पडताल हमने किया है मसलन,पटना जिलाधिकारी कुमार रवि,मधुबनी के जिलाधिकारी डाॅ निलेष देवडे एवं मुंगेर के जिलाधिकारी राजेश मीणा।
हालांकि विपक्ष का आरोप को भी बिल्कुल खारिज नही किया जा सकता है क्योकि कुछ जिलों में स्थिति वाकई नारकीय है ऐसे जिलों में भी संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल स्वयं मानिटरिंग की जरूरत है।परन्तु जो अधिकारी अच्छा कार्य कर रहे है उन्हे सरकार एवं समाज के द्वारा प्रोत्साहित करने की भी जरूरत है।

