Nitin Gadkari Coronavirus

‘सब दुखी हैं,..कब रहेंगे, कब जाएंगे इसका भरोसा नहीं’- गडकरी का अपनी ही पार्टी पर तंज

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BJP की तरफ से हाल के दिनों में कई राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन किए गए हैं। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष व् केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पार्टी के हालात पर तंज किया है। उन्होंने कहा है कि जो मुख्यमंत्री बनते हैं, वो इसलिए परेशान रहते हैं कि पता नहीं कब हटा दिया जाए।

नितिन गडकरी ने कहा कि ”जो विधायक हैं वो दुखी हैं कि मंत्री नहीं बन पाए,जो मंत्री है वो इसलिए दुखी हैं कि वो मुख्यमंत्री नहीं बन पाए और जो मुख्यमंत्री हैं वो इसलिए दुखी हैं कि कब रहेंगे,कब जाएंगे इसका भरोसा नहीं”।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राजनीति को सामाजिक व राजनीतिक बदलाव का प्रभावी उपकरण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र का मकसद समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘राजनीति सामाजिक व राजनीतिक बदलाव का प्रभावी उपकरण है। इसलिए लोकतंत्र के माध्यम से समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को टिकाऊ बनाना, सामाजिक, आर्थिक परिवर्तन लाना तथा उसी से समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करना ही लोकतंत्र का मकसद है।’’

उन्होंने कहा कि राजनीति का अर्थ क्या है इन बातों पर हम सभी को पुनर्विचार करना होगा और लोकतंत्र की भावना को समझना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘समाज सेवा राजनीति का एक हिस्सा है, लेकिन आजकल सौभाग्य या दुर्भाग्य से हम राजनीति का अर्थ केवल सत्ताकरण समझते हैं।’’ अपने संबोधन में जल नियोजन पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को बदलने में सबसे बड़ी समस्या पानी है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा सिंचित क्षेत्र 50 प्रतिशत से उपर नहीं होता है तब तक यह देश आत्मनिर्भर नहीं बन पाएगा, गांव समृद्ध संपन्न नहीं बन पाएंगे। जब तक किसान को पानी नहीं मिलेगा तब तक देश की तस्वीर नहीं बदलेगी।

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