जिले के मुनीमपुर में रविवार की शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक बछड़े को बचाने के प्रयास में गांव के कुएं में उतरे चार लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दम घुटने के कारण मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया। मृतकों की पहचान 41 वर्षीय दलबीर और नरेंद्र, 37 वर्षीय मोनू तथा एक प्रवासी मजदूर रामे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुएं में बछड़ा गिर गया था। उसे निकालने के लिए एक-एक कर चारों लोग कुएं में उतरे, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण सभी बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके।
कुएं में गिर गया बछड़ा
दरअसल, झज्जर जिले में एक बछड़े को बचाने के लिए बंद पड़े कुएं में उतरे चार लोगों की मौत हो गई है। पुलिस को शक है कि जहरीली गैस की वजह से उनकी मौत हुई। घटना रविवार शाम मुनीमपुर गांव में हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों को कुएं से बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुएं में भयंकर जहरीली गैस भरी हुई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री भी मौके पर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और गहन प्रयासों के बावजूद चारों लोगों को बचाया नहीं जा सका।
कई सालों से बंद था कुआं
सदर पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर परमजीत ने बताया, “एक बछड़ा लगभग 40-50 साल पुराने, बंद पड़े कुएं में गिर गया था। जानवर को बचाने के लिए दो लोग कुएं में उतरे। जब वे बाहर नहीं आए, तो दो और लोग कुएं में उतरे, लेकिन वे भी बाहर नहीं निकल पाए। बचाव कार्य शुरू किया गया और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया गया।” उन्होंने बताया कि इस घटना में बछड़े की भी मौत हो गई।
वहीं, विधायक कुलदीप वत्स भी अपनी टीम के साथ हादसा स्थल और बाद में नागरिक अस्पताल पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इधर, नागरिक अस्पताल में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच जाता, तो शायद चारों लोगों की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। (इनपुट- सुनील कुमार)

