नेहा बोरा के बांग्लादेश को लेकर दिए गए बयान पर देश की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष और आंदोलन से जुड़े लोगों पर निशाना साधा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली ताकतें युवाओं को राष्ट्र निर्माण के बजाय अराजकता की ओर ले जाना चाहती हैं।
दरअसल, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत में युवाओं के बीच चल रहे आंदोलन को वहां से प्रेरणा मिली है। उन्होंने लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे पर दोनों आंदोलनों के बीच समानता बताई थी।
नेहा बोरा के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी उन पर और विपक्ष पर सवाल उठाए हैं। वहीं, यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
अब इस बयान पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में विपक्ष की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजर रहेगी।

