राघव चड्ढा के साथ स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह सहित 7 सांसद BJP में शामिल होंगे. शुक्रवार (24 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा झटका देते हुए राघव चड्ढा ने इसका ऐलान किया. राघव चड्ढा के साथ स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रम साहनी, राजिंदर गुप्ता और हरभजन सिंह बीजेपी में शामिल होंगे. ये सभी राज्यसभा में आप के सांसद हैं. आप के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं. यानी अब आप के दो तिहाई राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं.
एंटी डिफेक्शन लॉ के हिसाब से गणित क्या कहता है?
भारत के एंटी डिफेक्शन लॉ (संविधान की दसवीं अनुसूची) के तहत अगर किसी पार्टी में टूट (split) को मान्यता चाहिए और अयोग्यता से बचना है, तो राज्यसभा में पार्टी के कम-से-कम दो-तिहाई (2/3) सदस्य साथ होने चाहिए
AAP के राज्यसभा में कुल सदस्य = 10
कम-से-कम 7 सांसद साथ आएं, तभी दल-बदल कानून के तहत टूट वैध मानी जाएगी
7/10 सांसदों का समर्थन राघव चड्ढा के लिए जरूरी होगा, तभी दल-बदल कानून से बचते हुए BJP में जाना संभव होगा
यानी 70% AAP राज्यसभा सांसदों को साथ लाना पड़ेगा
राघव चड्ढा ने AAP पर क्या लगाए आरोप?
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने के फैसले पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक गई हैं. उन्होंने कहा, ”जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए. वह पूरी तरीके से सिद्धांतों से, अपने मूल्यों से भटक गई है. अब ये पार्टी यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने पर्सनल फायदे के लिए काम कर रही है.”
आई एम द राइट मैन इन द रॉन्ग पार्टी- राघव चड्ढा
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पिछले कुछ सालों से महसूस कर रहा था कि ‘आई एम द राइट मैन इन द रॉन्ग पार्टी’ (I am the right man in the wrong party). इसलिए आज ये घोषणा करता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता के पास जा रहा हूं. राजनीति में आने से पहले मैं सीए था. आज जो लोग आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ रहे हैं, अलग हो रहे हैं, उनमें कोई वर्ल्ड क्लास क्रिकेटर रहा, कोई पद्मश्री रहे, कोई सोशल एक्टिविस्ट रहे. ये तमाम लोग अपना सबकुछ छोड़कर करप्शन फ्री इंडिया का संकल्प लेकर आए थे और इस पार्टी को स्थापित किया था. मुझसे बेहतर आम आदमी पार्टी को शायद ही कोई जानता होगा.”

