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यूपी चुनाव से पहले बसपा बदलेगी रणनीति! चंद्रशेखर ही नहीं अब ये पार्टी भी होगी मायावती के लिए चुनौती?

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और उसकी सुप्रीमो मायावती को नई चुनौती मिलती दिख रही है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन नीत केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में कार्यकारिणी की बैठक के बाद कहा कि पार्टी का लक्ष्य अलग-अलग राज्यों में अपना विस्तार करना है.

उन्होंने कहा कि लोजपा समावेशी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और अनुसूचित जाति की मजबूत आवाज बनना चाहती है. बसपा चीफ का जिक्र करते हुए पासवान ने कहा कि मायावती की सक्रियता का अभाव दिख रहा है, इसलिए लोजपा इस वर्ग की आवाज को और मजबूती से उठाएगी.

पासवान के इस बयान यह संकेत मिल रहे हैं कि बसपा के लिए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुखिया, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के अलावा एक और चुनौती तैयार हो रही है. जिससे पार पाने के लिए बसपा को नई रणनीतियों पर काम करना होगा.

पासवान ने न केवल बसपा बल्कि इंडिया अलायंस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को वह मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानते हैं और उनकी कथित अराजक राजनीति को जनता के सामने उजागर करेंगे.

उन्होंने कहा कि ‘नव संकल्प सभा’ अभियान का सकारात्मक प्रभाव बिहार विधानसभा चुनाव में देखने को मिला और अब पार्टी उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी संगठन को मजबूत करेगी. उन्होंने बताया कि लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है, जबकि गठबंधन के स्वरूप पर अंतिम फैसला केंद्रीय समिति करेगी. इसके बाद अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

आरक्षण होगा खत्म? चिराग पासवान ने दिया बयान
चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण खत्म किए जाने जैसी अफवाहें फैलाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि समाज का कोई भी वर्ग यदि प्रताड़ना का शिकार होता है तो लोजपा पूरी मजबूती से उसके साथ खड़ी रहेगी. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग संविधान की प्रति लहराने की बात करते हैं, वही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान करने का काम करते रहे हैं.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चिराग पासवान ने कहा कि यह आस्था से जुड़ा विषय है और इस घटना से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. उन्होंने कहा कि तभी शांति मिलेगी जब चोरी में शामिल हर व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि जिसके पास तथ्य और जानकारी हो, वह उसे एसआईटी के सामने रखे, लेकिन केवल राजनीतिक लाभ के लिए हो-हल्ला मचाना उचित नहीं है.

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