स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किल बढ़ी, 7 साल पुराने केस में गिरफ्तारी वारंट

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उत्तर प्रदेश में पलायन पॉलिटिक्स अब जोरों पर है. चुनावी बिगुल बज चुका है, ऐसे में कई नेताओं के दल बदलने का सिलसिला शुरू हो चला है. मंगलवार को यूपी कैबिनेट के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस्तीफा देकर साइकिल की सवारी कर ली. अब उनकी मुसीबतें बढ़ गई हैं.

यूपी की योगी सरकार में श्रम मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हो गया है. MP-MLA कोर्ट ने 24 जनवरी को पेश करने के आदेश दिया है. सात साल से उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा था.

सात साल पहले जब वह बसपा में थे, तो उन पर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया गया था. मौर्य को 24 जनवरी को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है. वारंट जारी होने के बारे में पूछे जाने पर मौर्य ने हंसते हुए कहा, ‘यह सब होता रहेगा, अभी और भी बहुत कुछ होगा.’

स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ 4 और विधायकों ने भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है. वहीं बुधवार को यूपी कैबिनेट एक और मंत्री ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. वन, पर्यावरण एवं जंतु मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया.

भाजपा विधायक विनय शाक्य ने 12 घंटे तक चले ड्रामे के बाद कहा है कि वह स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ जाएंगे, जिन्होंने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है. मौर्य के मंत्रिमंडल छोड़ने के कुछ ही समय बाद, उनके साथ जाने वाले विधायकों की एक सूची मंगलवार को आने लगी और विनय शाक्य का नाम आगे आया.

एक दिन पहले रात में, शाक्य की बेटी, रिया शाक्य ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने दावा किया कि उसके चाचा देवेश शाक्य ने उसके पिता का अपहरण कर लिया था और उन्हें लखनऊ ले गए थे.

उसने कहा कि उसके पिता को कुछ समय पहले ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और वह स्पष्ट रूप से बोल या सोच नहीं सकते थे. उन्होंने अपने पिता के इलाज में मदद करने के लिए योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया और उनसे अपने पिता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया.

घंटों बाद, औरैया के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने एक बयान जारी कर कहा कि विधायक इटावा में अपनी मां के घर में थे और पारिवारिक विवाद के कारण वहां थे. इस बीच, विनय शाक्य ने बुधवार को एक और बयान जारी कर कहा कि वह स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ जाएंगे.

वहीं कांग्रेस के बागी विधायक नरेश सैनी ने दिल्ली में आज बीजेपी का दामन थाम लिया. उधर इमरान मसूद और मसूद अख्तर भी कांग्रेस से बागी हो चुके हैं. कई बीजेपी विधायकों के अपने खेमे में आने से इतरा रही समाजवादी पार्टी के लिए आज का दिन मायूसी भरा रहा.

पार्टी के विधायक हरि ओम यादव और पूर्व विधायक धर्मपाल ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है. ऐसे में अब आगे देखना होगा कि आने वाले दिनों में और कितने नेता इस दल-बदल की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए नजर आएंगे.

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