गुजरात में भूकंप के 5.5 तीव्रता के तगड़े झटके, घरों से बाहर आए लोग

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गुजरात के राजकोट में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्‍मोलॉजी ने भूकंप की तीव्रता 5.5 बताई है। रविवार रात 8:13 बजे आए इस भूकंप का केंद्र गुजरात के कच्‍छ जिले में भचाऊ के पास बताया जाता है। भूकंप के झटके गुजरात के कई शहरों में महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से कच्‍छ, राजकोट, अहमदाबाद और पाटन में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।

CM विजय रुपाणी ने कच्‍छ, राजकोट और पाटन जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर भूकंप को लेकर हाल जाना। CM कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि CM विजय रुपाणी ने जिलाधिकारियों से टेलिफोन के जरिए बातचीत करके हालात की जानकारी ली। फ‍िलहाल भूकंप से किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। हाल ही में जम्‍मू-कश्‍मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.9 मापी गई थी।

उल्‍लेखनीय है कि बीते 2 महीनों के दौरान दिल्‍ली NCR में भी 12 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।बीते दिनों दिल्‍ली NCR के अलावा देश के विभिन्‍न इलाकों में भी भूकंप के कई झटके महसूस किए गए हैं। बार बार आ रहे भूकंप के झटकों के चलते लोगों में भी दहशत का आलम है। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार आ रहे भूकंपों की एक बड़ी वजह धरती की सूखती कोख भी है। भूजल स्तर में लगातार आ रही गिरावट से धरती के भीतर स्थित फाल्ट लाइनों का लोड असंतुलित हो रहा है।

कोरोना संकट के बीच प्रकृति भी रह-रहकर झटके दे रही है। भारत में निसर्ग, अम्फान जैसे चक्रवात और दिल्ली-एनसीआर में झटकों के बाद गुजरात में आया भूकंप इसका आभास करा रहा है। वैसे भारत के अलावा दुनिया के तीन मुल्‍कों में अलग अलग वक्‍त पर भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। तुर्की में 5.7 तीव्रता का तगड़ा झटका महसूस किया गया जबकि ताइवान में 5.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। जापान में भी 6.3 तीव्रता का तगड़ा झटका महूसस किया गया। हालांकि इन तीनों भूकंपों की टाइमिंग अलग अलग थी।

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पूर्वी तुर्की के बिंगोल प्रांत में आए भूकंप में तीन लोग घायल हो गए हैं। भूकंप का केंद्र बिंगोल के कार्लियोवा ज‍िले में था। वहीं ताइवान में आए भूकंप का केंद्र धरती के 55 किलोमीटर की गहराई में था। दूसरी ओर जापान में आए भूकंप का केंद्र 160 किलोमीटर की गहराई में था। हालांकि उक्‍त तीनों भूकंपों में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

वैसे वैज्ञानिक हाल‍िया आए भूकंपों को लेकर दूसरे पहलुओं पर भी अध्‍ययन कर रहे हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि धरती का वजूद सात टेक्टोनिक प्लेटों पर टिका है और जब प्लेटें जब आपस में टकराती हैं या धरती के गर्भ में कुछ हलचल होती है तो भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए जाते हैं। भारत इंडो आस्ट्रेलियन प्लेट पर टिका है। विशेषज्ञों की मानें तो देश में भूकंप की वजह इस प्लेट का यूरेशियन प्लेट से टकराना भी है। फाल्ट लाइनों की एडजस्टमेंट के कारण भी भूकंप आते हैं।

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