बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। 8 अक्टूबर को उनके निधन की खबर सामने आने के बाद अक्षय कुमार, शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन समेत कई बड़ी हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। हालांकि, इस बीच अभिनेत्री तनुश्री दत्ता अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं। उन्होंने नाना पाटेकर के निधन के बाद उन्हें ‘इविल डेड’ कहते हुए एक वीडियो शेयर किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अब ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी उनके बयान पर नाराजगी जताई है। संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर तनुश्री दत्ता की टिप्पणी की आलोचना की और इसे ‘सस्ती पब्लिसिटी’ करार दिया।
AICWA ने तनुश्री दत्ता के बयान की आलोचना की
AICWA ने अपने आधिकारिक बयान में तनुश्री दत्ता की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। संगठन ने कहा कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उन्हें ‘इविल डेड’ कहना बेहद आपत्तिजनक है। वहीं, AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने भी इस बयान पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर एक सम्मानित व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अभिनेता होने के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी योगदान दिया। उन्हें पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया था। गुप्ता के मुताबिक, नाना पाटेकर के निधन पर देश के प्रधानमंत्री ने भी शोक व्यक्त किया है। ऐसे में उनके निधन के बाद तनुश्री दत्ता की इस तरह की टिप्पणी उनके नजरिए को दर्शाती है। AICWA ने अभिनेत्री के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।
आपकी वजह से पूरी इंडस्ट्री का नाम खराब हो रहा है’- सुरेश श्यामलाल गुप्ता
AICWA अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने तनुश्री दत्ता के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अभिनेत्री ने इस तरह की टिप्पणी करने के लिए गलत समय चुना है। भारतीय फिल्म जगत में किसी के निधन पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। गुप्ता ने कहा कि आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं और पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। ऐसे समय में उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना दुखद है। उन्होंने तनुश्री दत्ता से अपील की कि वह अपनी बात रखने के लिए कोई और मौका चुनें, लेकिन नाना पाटेकर के निधन को लेकर विवादित बयान देकर फिल्म इंडस्ट्री की छवि खराब न करें। AICWA अध्यक्ष के मुताबिक, नाना पाटेकर के जाने के बाद इस तरह के शब्द सुनना उनके परिवार, फिल्म जगत और प्रशंसकों के लिए दुख पहुंचाने वाला है। इसी वजह से संगठन को अभिनेत्री के बयान के खिलाफ सामने आकर अपनी नाराजगी जाहिर करनी पड़ी।
तनुश्री दत्ता को पड़ी फटकार
AICWA अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने तनुश्री दत्ता के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी से न केवल भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि इस पर एक नकारात्मक छाप भी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह तनुश्री की निजी राय हो सकती है, लेकिन ऐसे बयान देने से पहले उन्हें समय और मौके का ध्यान रखना चाहिए था। गुप्ता ने नाना पाटेकर को एक बड़ा और सम्मानित अभिनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर इंडस्ट्री में पहचान बनाई थी। उनके योगदान को किसी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नाना पाटेकर के निधन के समय इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद दुखद है। अभिनेत्री को यह भी सोचना चाहिए था कि उनकी टिप्पणी से दिवंगत अभिनेता के परिवार और उनके प्रशंसकों को कितना दुख पहुंच सकता है। गुप्ता के मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की परंपराओं और मर्यादाओं के खिलाफ है। इसी वजह से AICWA तनुश्री दत्ता के बयान की कड़ी निंदा करता है।
तनुश्री दत्ता ने दी सफाई
वहीं, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करने के बाद तनुश्री दत्ता ने भी अपने बयान पर सफाई दी है। नाना पाटेकर के लिए ‘इविल डेड’ शब्द का इस्तेमाल करने को लेकर हो रही ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में जिन मुश्किल हालात का सामना किया है, उनका दर्द कोई दूसरा व्यक्ति नहीं समझ सकता। तनुश्री के मुताबिक, उनका केस करीब पांच साल तक चला। इस दौरान उन्हें कथित तौर पर लालच दिया गया, धमकियां मिलीं और केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया। अभिनेत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें परेशान करने के लिए सड़क दुर्घटना और फूड पॉइजनिंग जैसी घटनाओं के जरिए नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। तनुश्री ने कहा कि वह जिन परिस्थितियों से गुजरी हैं, उनके अनुभवों को ही उन्होंने ‘इविल डेड’ शब्दों के जरिए जाहिर किया। उनके मुताबिक, जिस व्यक्ति ने इस तरह के हालात नहीं झेले, वह उनके दर्द को नहीं समझ सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान उनके अपने अनुभवों और नजरिए पर आधारित था, क्योंकि हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं।

