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कोरोना से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर सकता है एक्यूट स्ट्रेस- स्टडी

आजकल के लाइफस्टाइल में चिंता और तनाव (Stress) मानों जिंदगी का हिस्सा हो चुके हैं. शायद ही कोई इंसान हो जिसे कोई स्ट्रेस ना हो. तनाव ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी आपको धीरे-धीरे बीमार कर सकता है. स्ट्रेस को यदि समय रहते कंट्रोल ना किया जाए, तो ये डिप्रेशन का कारण बन सकता है. इतना ही नहीं ये शरीर में कई गंभीर बीमारियों के लिए रास्ता बना सकता है. अमेरिका के माइंट सिनाई इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स द्वारा की गई एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि तीव्र तनाव (Acute Stress) कोरोना और इन्फ्लूएंजा जैसे संक्रमणों से लड़ने की शरीर की क्षमता को कमजोर कर सकता है. स्टडी में सामने आया है कि इससे जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है.

चूहों पर किए गए इस अध्ययन में पहली बार यह सामने आया है कि ब्रेन के कुछ खास एरिया एक्यूट स्ट्रेस (तीव्र तनाव) के दौरान और कोरोना या इन्फ्लूएंजा से संक्रमण होने पर शरीर के सेलुलर इम्यून रिस्पांस (cellular immune response) को कैसे कंट्रोल करते हैं. इस स्टडी का निष्कर्ष ‘नेचर (Nature)’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

स्टडी में क्या निकला
रिसर्चर्स ने अपनी स्टडी में पाया कि एक्यूट स्ट्रेस ब्रेन के एक विशेष भाग के न्यूरांस को प्रेरित करता है. इसके चलते छोटी ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) से व्हाइट ब्लड सेल्स या ल्यूकोसाइट्स निकलकर ब्लड और बोन मैरो (अस्थि मज्जा) में एंटर करती हैं. ये प्रोसेस कोरोना या इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों से लड़ने की शरीर की इम्युनिटी को कमजोर करता है. इसके चलते संक्रमण से गंभीर बीमारी होने का खतरा पैदा होता है, जो मौत का कारण भी बन सकता है.

क्या कहते हैं जानकार
माउंट सिनाई स्थित इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन (Icahn School of Medicine) में मेडिसिन और कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर, फ़िलिप के. स्विर्स्की (Filip K. Swirski) के अनुसार, ‘ये स्टडी हमें बताती है कि स्ट्रेस का हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली और संक्रमण से लड़ने की क्षमता पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है.’

ये स्टडी हमारे सोशल-इकोनोमिक फैक्टर्स, लाइफस्टाइल और वातावरण को लेकर कई सवाल उठाते है. बड़ा सवाल ये है कि हम जिस माहौल में रहते हैं, उसमें किस तरह से खुद को तनाव मुक्त (stress free) रखें, ताकि हमारी इम्युनिटी संक्रमण के खिलाफ कमजोर नहीं पड़े.