कुछ घंटों में पृथ्वी से टकरा सकते हैं 3 विशाल उल्कापिंड, हुई टक्कर तो होगा सर्वनाश

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2020 में अभी जाने और क्या-क्या देखना बाकी है। पहले ही दुनिया कोरोना से जंग लड़ रही है। इस वायरस ने पूरी दुनिया को तबाह कर रखा है। हर दिन लाखों लोगों की मौत इस वायरस के कारण हो रही है। लेकिन इस मुसीबत से बाहर निकलने का कोई तरीका नजर नहीं आ रहा है। कोरोना का आतंक अभी कम हुआ नहीं है कि अंतरिक्ष से भी रोज नई-नई समस्या सामने आ रही है। जहां 29 अप्रैल को दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी की गई थी, जो गलत साबित हुई, उसके बाद से अंतरिक्ष से एक-एक कर कई उल्कापिंड पृथ्वी की तरफ आए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक कोई भी उल्कापिंड पृथ्वी से टकराया नहीं है। अगर ऐसा हो गया तो पृथ्वी का सर्वनाश निश्चित है। अब एक बार फिर 24 जुलाई यानी आज पृथ्वी पर आसमान से मौत बरसने वाली है। जी हां, कुछ घंटों के बाद एक-एक करके 3 उल्कापिंड पृथ्वी के पास से गुजरने वाले हैं। लेकिन अगर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण ने इनमें से किसी एक को भी अपनी तरफ खींचा तो मच जाएगी भारी तबाही…

दुनियाभर के वैज्ञानिक इस समय अंतरिक्ष से पृथ्वी की तरफ तेजी से बढ़ रहे तीन उल्कापिंडों पर नजर रख रहे हैं। ये उल्कापिंड काफी तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहे हैं और अंदाजा लगाया जा रहा है कि आज यानी 24 जुलाई को ये पृथ्वी से टकरा सकते हैं। वैज्ञानिक काफी समय से इन तीनों उल्कापिंड पर नजर रख रहे हैं। कई महीनों से ये पृथ्वी की तरफ बढ़ रहे हैं। अब जाकर 24 जुलाई को ये एकदम पास आ जाएंगे। वैसे तो ये उल्कापिंड सीधे नहीं, बल्कि पृथ्वी के बेहद पास से गुजरेंगे। लेकिन पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण इसे अपनी तरफ खींच सकता है, इसका अंदेशा है।

अगर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव के कारण अगर इन तीन उल्कापिंड में से किसी एक की टक्कर अगर पृथ्वी से हो गई तो सर्वनाश हो जाएगा। इनमें से एक उल्कापिंड तो इतना बड़ा है कि वो अकेले ही आधी आबादी को खत्म कर देगा। इस उल्कापिंड की लंबाई 170 मीटर बताई जा रही है। वैसे अभी के हिसाब से ये उल्कापिंड पृथ्वी से 50.86 लाख किलोमीटर की दुरी से निकलेगा। आपको ये डिस्टेंस काफी ज्यादा लग रहा होगा लेकिन अंतरिक्ष की दुनिया में ये काफी कम है।

अगर इसे पृथ्वी ने अपनी तरफ खींचा तो तबाही मच जाएगी। हर साल अंतरिक्ष से कई उल्कापिंड टूटकर गिरते हैं। इनमें से पृथ्वी की तरफ आने वाले काफी कम होते हैं लेकिन इस साल इनकी संख्या अधिक देखने को मिल रही है। Asteroid 2020 ND के अलावा जो दूसरा उल्कापिंड पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है वो है 2016 DY 30 , जो पृथ्वी से 34 लाख किलोमीटर दूर से गुजरेगा। ये पहले से भी ज्यादा नजदीक से गुजरने वाला हैं। हालांकि, इसका साइज थोड़ा छोटा है।

तीसरा उल्कापिंड है 2020 ME3, जो 16 हजार किलोमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। ये उल्कापिंड छोटे तो है लेकिन भारी तबाही मचाने के लिए काफी हैं। बता दें कि उल्कापिंड असल में ग्रहों के टूटे हिस्से होते हैं। ये अंतरिक्ष से टूटकर गिरने लगते हैं। इनमें से कुछ पृथ्वी की तरफ बढ़ते हैं। बताया जाता है कि एक उल्कापिंड के टकराने से ही पृथ्वी से डायनासोर खत्म हो गए थे। ऐसे में अगर कोई दूसरा उल्कापिंड टकराया तो इस बार सर्वनाश इंसानों का होगा।

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