उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी ने तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की संभावना से पीछे हटने के संकेत दे दिए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। सपा पहले ही राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बना चुकी है। इससे पहले पार्टी की ओर से संकेत दिए गए थे कि संख्या बल जुटने पर तीसरा प्रत्याशी भी उतारा जा सकता है। सोमवार को सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भी तीसरे उम्मीदवार के नामांकन की बात कही थी।
लेकिन राज्यसभा चुनाव का गणित सपा के लिए आसान नहीं था। मौजूदा विधानसभा संख्या के हिसाब से एक उम्मीदवार को जीत के लिए करीब 37 प्रथम वरीयता वाले वोट चाहिए। सपा के पास दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ती। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावना भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गई थी।
अब अखिलेश यादव के “तीन नहीं, 403” वाले संदेश से साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय 2027 के विधानसभा चुनाव पर ज्यादा ध्यान देना चाहती है। यूपी में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं और सपा अब संगठन तथा चुनावी तैयारी को मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है।

