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Cyclone Yaas: चक्रवात बना ‘यास’, 24 घंटे में बेहद गंभीर तूफान बन कल बंगाल-ओडिशा पहुंचेगा, पलायन जारी

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बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव के बाद सोमवार को चक्रवात बने ‘यास’ के अगले 24 घंटे में बेहद गंभीर  चक्रवाती तूफान बनने की घोषण मौसम विभाग ने कर दी है। यास बुधवार को बंगाल और ओडिशा तट पर पहुंचेगा। इसी के साथ लोगों का सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन शुरू हो गया है। 

जगतसिंहपुर जिले में लोग सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। पारादीप के संधाकुड की लक्ष्मी कहती हैं कि पिछले तूफान में मेरे परिवार ने सब कुछ खो दिया था। हम बचने में सफल रहे। मैं यहां अपने पति और बेटी व उसे बच्चों के साथ आई हूं। 

इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रभावित होने वाले राज्यों को भरोसा दिलाया कि गृहमंत्रालय 24 घंटे उनकी मदद के लिए मौजूद है। शाह ने बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों व अंडमान निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल से तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।  

गृहमंत्री ने बैठक के दौरान, राज्यों को बताया कि गृहमंत्रालय में तूफान पर निगरानी के लिए बना कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करता रहेगा। किसी भी क्षण इससे संपर्क कर मदद ली जा सकती है।  शाह ने बंगाल और ओडिशा से उनके यहां ऑक्सीजन संयंत्रों पर तूफान के संभावित प्रभावों की जानकारी ली। राज्यों को कोविड अस्पतालों, जांच लैब, टीका भंडारों और ऑक्सीजन संयंत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा है। बंगाल और ओडिशा देश के बड़े मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता राज्य हैं। सभी राज्यों से अपने यहां कम से कम दो दिन के लिए ऑक्सीजन का बफर स्टॉक रखने को कहा गया है।

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इसके अलावा राज्यों को सभी मछुआरों की समुद्र से वापसी सुनिश्चित करने व खतरे वाले निचले इलाकों से एक एक व्यक्ति को सुरक्षित जगह पहुंचाने का भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों के स्टॉक व अस्पतालों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। बैठक में सभी जहाजों, तेल कंपनियों की नौकाओं, सभी बंदरगाहों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस बैठक के लिए केंद्र का शुक्रिया अदा किया और मदद का भरोसा देने के लिए आभार जताया। सभी ने अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया।

शाह ने राज्य सरकारों को स्थानीय भाषा में संदेश प्रसारित करने को कहा है, ताकि राहत कार्य के दौरान किसी तरह की गलतफहमी न रहे और लोगों को बचाने में कोई बाधा न आए। फोन, सोशल मीडिया, टीवी और ग्राम पंचायतों के जरिये साझा संदेश लोगों को सीधे समझ में आएं। 

देश के बड़े मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र बंगाल और ओडिशा में हैं। कोविड महामारी के बीच तूफान की आपदा से देश भर में ऑक्सीजन आपूर्ति का संकट खड़ा हो सकता है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया, इस चुनौती से निपटने के लिए विशेष टीम तैनात करने का फैसला किया है जो सुनिश्चित करेगी कि ऑक्सीजन संयंत्र में बिजली की आपूर्ति प्रभावित न हो और ऐसा होने पर तुरंत इसकी मरम्मत की जा सके। कुछ टीमें इन संयंत्र से जोड़ने वाले रास्तों पर पेड़ टूटने से मार्ग बाधित होने की स्थिति में मोर्चा संभालेंगी। दोनों राज्य पूर्वोत्तर ग्रिड से बड़े ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता हैं। यहां से देश के उत्तरी, दक्षिणी और मध्य ग्रिड में ऑक्सीजन पहुंचता है। ओडिशा के अंगुल स्थित संयंत्र से रेल व सड़क मार्ग द्वारा मध्य, दक्षिण व उत्तर भारत के हिस्सों में से ऑक्सीजन पहुंचाया जाता है। इसी तरह बंगाल के कोलकाता और हल्दिया स्थित संयंत्र से उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर हिस्से में आपूर्ति होती है।

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एनडीआरएफ ने कुल 149 टीमों को तैयार किया है, इनमें से 99 को राज्यों के तटीय क्षेत्र में तैनात किया गया है। वहीं 50 को देश के अलग अलग हिस्सों में स्टैंडबाय में रखा गया है और जरूरत पड़ने पर इन्हें एयरलिफ्ट कर मोर्चे पर लगाया जाएगा। 52 टीमें ओडिशा, 35 बंगाल, पांच तमिलनाडु, तीन विशाखापत्तनम व झारखंड व एक अंडमान निकोबार में तैनात की गई हैं। 

मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को यास जब ओडिशा बंगाल से से गुजरेगा तटीय इलाकों में 155-165 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जो कि 180 की रफ्तार तक जा सकती हैं। इस दौरान अधिकतर इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। कुछ इलाकों में सोमवार से ही बारिश शुरू हो गई है।

इस दौरान झारग्राम, पूर्व एवं पश्चिम मेदिनिपुर, दक्षिण व उत्तर 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा और हुगली में भारी बारिश होगी। इसके अलावा ओडिशा के चार तटीय जिलों बालासोर, भदरक, केंद्रपारा और जगतसिंहपुर में सबसे ज्यादा असर होगा।

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