Assembly Election Results

Himachal Election: तो क्या हिमाचल में खत्म होगा सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड या बनेगा इतिहास? जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

Himachal Pradesh Assembly Election: भारत निर्वाचन आयोग अब से कुछ देर बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुनाव की तारीखों (Election Dates) का ऐलान करेगा। पिछली बार हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर 2017 को एक चरण में मतदान हुआ था और भाजपा (BJP) ने शानदार जीत हासिल करते हुए कांग्रेस (Congress) सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। बीजेपी ने 68 में से 44 सीटें जीती थी जबकि कांग्रेस महज 21 सीटें जीत सकी थी। बीजेपी को इस चुनाव में एक निराशा हाथ लगी जब उसके सीएम पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल अपनी सीट नहीं बचा सके।

तीन दशकों से नहीं टूटा है यह इतिहास
बात करें इस बार की तो यहां राजनीतिक हालात थोड़े अलग है। कांग्रेस के लिए सबसे अधिक चुनौतियां नजर आ रही हैं। पार्टी के कई दिग्गज नेता पार्टी को अलविदा कर चुके हैं वहीं वीरभद्र सिंह जैसे कद्दावर नेता अब इस दुनिया में नहीं है। हिमाचल प्रदेश का इतिहास रहा है कि यहां तीन दशकों से कोई भी पार्टी अपनी सत्ता बरकरार नहीं रख सकी है, यानि हर पांच साल में बदलाव होता है। भाजपा ने इस मिथक को तोड़ने के लिए अपनी रणनीति को धार देनी शुरू कर दी है और इसी कड़ी में पीएम मोदी राज्य के ताबड़तोड़ दौरे क रहे हैं। बीजेपी लगातार बूथ लेवल रणनीति पर काम कर रही है और घर-घर तक सरकार की उपलब्धियों को कार्यकर्ताओं के जरिए पहुंचाया जा रहा है।

बीजेपी अध्यक्ष का गृह राज्य
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का गृह राज्य है, तो उनके लिए भी बीजेपी के किले को बचाने और इतिहास बनाने का मौका है। नड्डा लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं। इस महीने में वह अभी तक एक हफ्ते से अधिक का समय यहां दे चुके हैं और लगातार कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। नड्डा पिछले तीन महीनों के दौरान यहां दर्जनों कार्यक्रम कर चुके हैं और लोगों के बीच में जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी बनेगी तीसरी शक्ति?
इस बार बीजेपी औऱ कांग्रेस ही नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है। मुख्यमंत्री केजरीवाल, भगवंत मान सहित पार्टी के तमाम स्टार नेता राज्य का दौरा कर चुनावी कार्यक्रमों का आगाज कर चुके हैं। वहीं बीजेपी चुनाव प्रचार अभियान में भी जहां सबसे आगे दिख रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपने अभियान का आगाज तक नहीं कर सकी है। ऐसे में आने वाले समय में कांग्रेस के लिए अपनी अंदरुनी कलह के अलावा बीजेपी से पार पाना भी कम मुश्किल नहीं होगा। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा आज हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक रैली के साथ राज्य में पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगी।

2017 मे ऐसी रही थी दलीय स्थिति
वहीं 2017 की बात करें तो बीजेपी ने जहां 44 सीटों पर विजय हासिल की थी तो कांग्रेस महज 21 सीटें ही जीत सकी थी। सीपीएम के 1 तथा अन्य के खाते में 2 सीटें गई थी। 2017 में बीजेपी का यहां सबसे अधिक 48.8 फीसदी वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को 41.7 फीसदी वोट मिल सके थे। अन्य को महज 6.3 तथा नोटा को 0.9 फीसदी वोट मिले थे। वहीं वोटर्स की बात करें तो अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में कुल 53.8 लाख रजिस्ट्रर्ड मतदाता हैं जिसमें 27.23 लाख पुरुष और 26.44 लाख महिला मतदाता हैं। हालांकि जब आयोग प्रेस कांन्फ्रेंस कर चुनाव तारीखों का ऐलान करेगा तो वास्तविक संख्या का पता चल सकेगा।

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