Venezuelan Govt On Blast

Venezuelan Govt On Blast: वेनेजुएला पर अमेरिका ने की एयरस्ट्राइक, कई जगहों पर हुई बमबारी

Venezuelan Govt On Blast: वेनेज़ुएला की राजधानी कराकस में शुक्रवार (2 जनवरी 2026) की देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब कम ऊंचाई पर उड़ते कई विमानों की आवाज़ें सुनी गईं और इसके बाद एक के बाद एक कम से कम सात विस्फोटों की गूंज पूरे शहर में फैल गई. यह घटना स्थानीय समयानुसार रात करीब दो बजे हुई, जिसने आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा कर दिया. घटना के कुछ ही घंटों बाद वेनेज़ुएला सरकार ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए इसे देश की संप्रभुता पर सीधा सैन्य हमला करार दिया.

वेनेज़ुएला सरकार ने बयान में कहा कि बोलिवेरियन गणराज्य वेनेज़ुएला, अमेरिका की वर्तमान सरकार की तरफ से वेनेज़ुएला के क्षेत्र और नागरिक आबादी के खिलाफ की गई अत्यंत गंभीर सैन्य आक्रामकता को पूरी तरह अस्वीकार करता है. उसकी निंदा करता है और उसकी कड़ी भर्त्सना करता है. सरकार के अनुसार यह हमला केवल कराकस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा राज्यों के नागरिक और सैन्य इलाकों को भी निशाना बनाया गया. सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई से न केवल देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचा है, बल्कि आम नागरिकों की जान भी जोखिम में डाली गई है.

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप

वेनेज़ुएला ने इस कथित हमले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है. सरकार के अनुसार यह आक्रमण संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 1 और 2 के खिलाफ है, जो किसी भी देश की संप्रभुता, कानूनी समानता और बल प्रयोग पर प्रतिबंध की गारंटी देते हैं. सरकार का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता, विशेष रूप से लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र की शांति के लिए गंभीर खतरा है.

हमले के पीछे क्या बताया गया मकसद

वेनेज़ुएला सरकार ने आरोप लगाया है कि इस हमले का उद्देश्य देश के रणनीतिक संसाधनों, खासकर तेल और खनिज भंडारों पर कब्ज़ा करना और बलपूर्वक उसकी राजनीतिक स्वतंत्रता को तोड़ना है. सरकार ने साफ कहा कि ऐसे प्रयास पहले भी विफल हुए हैं और आगे भी सफल नहीं होंगे. बयान में कहा गया कि दो सौ वर्षों से अधिक समय से स्वतंत्र रहा वेनेज़ुएला किसी भी औपनिवेशिक या साम्राज्यवादी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है.

इतिहास का हवाला और जनता का आह्वान

सरकारी बयान में वेनेज़ुएला के ऐतिहासिक संघर्षों का भी उल्लेख किया गया. कहा गया कि 1811 से अब तक देश ने कई साम्राज्यवादी ताकतों का सामना किया है. 1902 की बमबारी का उदाहरण देते हुए कहा गया कि उस समय भी वेनेज़ुएला ने विदेशी दबाव के आगे घुटने नहीं टेके थे. सरकार ने कहा कि आज भी बोलिवार, मिरांडा और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत के साथ वेनेज़ुएला की जनता एक बार फिर अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए खड़ी है.

सड़कों पर उतरी जनता, जनआंदोलन का आह्वान

वेनेज़ुएला सरकार ने देश की सभी सामाजिक और राजनीतिक शक्तियों से आह्वान किया है कि वे इस कथित साम्राज्यवादी हमले के खिलाफ जनआंदोलन को सक्रिय करें. सरकार के अनुसार जनता, बोलिवेरियन राष्ट्रीय सशस्त्र बल और जनता–सेना–पुलिस की एकता के साथ देश की संप्रभुता और शांति की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. साथ ही सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र महासचिव, CELAC और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है.

राष्ट्रपति मादुरो ने देशव्यापी आपात स्थिति घोषित की

इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में आपात स्थिति घोषित करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने संविधान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कानूनों के तहत सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए हैं. राष्ट्रपति ने सभी राज्यों और नगरपालिकाओं में रक्षा संचालन निकायों की तत्काल तैनाती का आदेश दिया है, ताकि किसी भी संभावित सशस्त्र संघर्ष की स्थिति से निपटा जा सके.

आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर

वेनेज़ुएला ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा है कि वह अपने नागरिकों, अपने क्षेत्र और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए वैध आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखता है. सरकार ने लैटिन अमेरिका, कैरेबियाई क्षेत्र और दुनिया भर के देशों से इस कथित आक्रमण के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है.

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