Illegal liquor

एमपी:उज्जैन में जहरीली शराब पीने से 14 की मौत, चार पुलिसकर्मी निलंबित

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मध्‍य प्रदेश के उज्जैन से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। Poisonous Liquor पीने से 14 लोगों की मौत से हड़कंप मच गया है। वहीं, उज्जैन के SP ने पुष्टि की है कि सभी मृतकों के शरीर में जहरीली जिंजर पाई गई है। इस घटना के बाद शहर के खारा कुआं थाना प्रभारी सहित 4 पुलिसकर्मियों सस्‍पेंड कर दिया गया है। यही नहीं, पूरे जिले में अवैध Liquor के खिलाफ कार्रवाई में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मध्यप्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को इस घटना की SIT द्वारा जांच के निर्देश दिए हैं। चौहान ने कहा, ‘न सिर्फ उज्जैन बल्किपूरे प्रदेश में इस तरह के मामलों पर नजर रखी जाए। जहां कहीं भी ऐसे मिलावटी और जहरीले पदार्थों का विक्रय होने की आशंका हो, सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व CM एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस घटना को लेकर राज्य की BJP सरकार पर निशाना है।

कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों से शराब माफ़िया व अवैध शराब के कारोबार की निरंतर शिकायतें मिल रही हैं। हमारी सरकार जाते ही ये माफिया वापस बेखौफ होकर सक्रिय हो गये हैं। हमारी सरकार ने इन्हें कुचला था और भाजपा सरकार इन्हें संरक्षित कर रही है।

उज्जैन जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी ने बताया कि बुधवार से गुरुवार तक उज्जैन के तीन थाना इलाकों -खाराकुआ थाना, जीवजीगंज थाना एवं महाकाल थाना- में किसी प्रकार के विषैले पदार्थ के पीने से 14 लोगों की मौत हो गई है। ये सभी या तो भिखारी हैं या गरीब मजदूर हैं। उन्होंने कहा कि अब ये प्रदार्थ क्या है और ये किसके द्वारा बेचा गया, इसकी जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे द्वारा सघन छापेमारी की जा रही है और अभी तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें मुख्य रुप से जिंजर बनाने वाले सिकंदर, गबरू और यूनुस शामिल हैं, जो छतरी चौक स्थित नगर निगम की मल्टी लेवल पार्किंग में अवैध रूप से जिंजर पोटली बनाकर मजदूरों को बेचा करते थे। द्विवेदी ने बताया कि उज्जैन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने थाना प्रभारी खाराकुआ निरीक्षक एम.एल. मीणा, बीट प्रभारी उप निरीक्षक निरंजन शर्मा और 2 आरक्षकों शेख अनवर एवं नवाज शरीफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


यही नहीं, उज्जैन जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महावीर खंडेलवाल ने बताया कि ये 14 लोग इतनी बुरी स्थिति में अस्पताल लाए गये थे कि इनमें से कोई भी 15 मिनट से ज्यादा जीवित नहीं रह पाया। साथ ही उन्होंने कहा कि ये कोई जहरीली शराब, स्प्रिट या कोई भी अन्य केमिकल भी हो सकता है, जो विसरा जांच में पता चलेगा।

उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने एक विज्ञप्ति जारी करके कहा कि संभवत: ‘डिनेचर्ड स्प्रिट’ पीने से इनकी मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा जांच हेतु सागर प्रयोगशाला में आज ही भेजा जाएगा और रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि इनकी मौत कैसे हुई है। सिंह ने कहा कि प्रशासन को ऐसे नशीले प्रदार्थ बेचने वालों को पकड़ने के सख्त निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में 2-3 संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आये हैं और उनके विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि जांच में कुछ दवा स्टोर्स के नाम भी सामने आये हैं, जिनके कर्मचारियों के सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। दवा बाजार स्थित गुप्ता सर्जिकल मेडिकल के यहां निर्धारित मात्रा से अधिक स्प्रिट पाये जाने पर स्टोर को सील किया गया है। आशीष सिंह ने कहा कि नगर निगम व डॉक्टर्स की टीम को फुटपाथ एवं रैन बसेरों में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिये लगाया गया है। इनके द्वारा फुटपाथ एवं रैन बसेरों में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है, जिससे कि अन्य किसी व्यक्ति द्वारा भी इसी तरह के ‘डिनेचर्ड स्प्रिट’ का सेवन किया गया हो तो उसकी जान बचाई जा सके।

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