Israel US Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने में सिर्फ 1 दिन का समय शेष रह गया है। ईरान की ओर से शांति वार्ता के लिए कोई जवाब नहीं आने से ट्रंप की बेचैनी बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि अब वह सीधे ईरान के टॉप लीडरों से बात कर सकते हैं। ट्रंप किसी भी हालत में इस युद्ध को अब खत्म करने के मूड में हैं।
हालांकि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान ने बातचीत नहीं की तो उसे पहले कभी न देखी गई समस्या का सामना करना पड़ेगा।
वहीं एक्सियोस का दावा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में बुधवार को होने वाली शांति वार्ता को हरी झंडी दे दी है।
हालांकि अभी तक ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता तय नहीं की जा सकी है। हालांकि इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) से “कहीं बेहतर” होगा। जबकि ईरान की ओर से संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने कहा है कि धमकी और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते। इस बीच ट्रंप की ओर से दावा किया गया है कि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, जरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकोफ सहित उच्च-स्तरीय अमेरिकी वार्ता टीम पाकिस्तान पहुंच रही है। ताकि ईरानी नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण वार्ता शुरू की जा सके। ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “ईरान के साथ हम जो डील कर रहे हैं, वह JCPOA से FAR BETTER होगा, जिसे आमतौर पर ‘The Iran Nuclear Deal’ कहा जाता है।
ईरान ने निष्क्रिया किया 2000 पाउंड के 3 जिंदा बम
आईआरजीसी ने लोरेस्टन में 2,000 पाउंड के अमेरिकी एमके-84 जिंदा बमों को निष्क्रिय कर दिया, जो लेजर मार्गदर्शन, जीपीएस और धातु में 38 सेंटीमीटर और कंक्रीट में 0.75 मीटर तक की महत्वपूर्ण होल क्षमता से लैस हैं, और 11 मीटर गहरे गड्ढे कर सकते हैं।
होर्मुज में अमेरिकी ब्लॉकेड जारी रहने के बाद ईरान का दूसरे दौर की शांति वार्ता का कोई प्लान नहीं
अमेरिकी टीम भले ही शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद रवाना हो चुकी हो, लेकिन ईरान ने कहा कि होर्मुज की खाड़ी में अमेरिकी नाकाबंदी जारी होने के चलते दूसरे दौर की शांति वार्ता का उसका कोई प्लान नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने तस्नीम न्यूज एजेंसी के माध्यम से कहा कि अमेरिका की “दुर्भावना” और हरमुज की खाड़ी में हालिया समुद्री नाकेबंदी के कारण उसके पास फिलहाल दूसरी दौर की वार्ता के “कोई प्लान” नहीं हैं। वहीं ट्रंप ने तेहरान की इस नकारात्मक बातचीत को खारिज करते हुए कहा,”कोई खेल नहीं खेल रहा है” और दोनों पक्षों को “वार्ता करनी चाहिए।” “हमें वार्ता करनी है… इसलिए मुझे लगता है कि इस समय कोई खेल नहीं खेल रहा है। उन्होंने कहा,”मुझे उनसे मिलने में कोई समस्या नहीं है।” अगर वे मिलना चाहते हैं, तो हम बहुत सक्षम लोग भेज रहे हैं। मुझे खुद मिलने में भी कोई दिक्कत नहीं है।
ट्रंप ने फिर कहा-ईरान को छोड़ना होगा अपना परमाणु कार्यक्रम
जेडी वेंस, जरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व वाली टीम को ईरान से वार्ता के लिए इस्लामाबाद रवाना करने के बाद ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा कि यह वार्ता एक गैर-समझौता योग्य मांग पर टिकी हुई है। ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ देना होगा। उनके परमाणु हथियार छुड़ा लो। यह बहुत सरल है। “कोई परमाणु हथियार नहीं होगा।”ट्रंप ने वरिष्ठ ईरानी नेताओं से सीधे मिलने की इच्छा जताई, बशर्ते कोई बड़ी प्रगति हो, लेकिन चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो परिणाम विनाशकारी होंगे। जब उनसे पूछा गया कि अगर वार्ता विफल हो गई तो क्या होगा, तो उन्होंने साफ कहा, “देखो, मैं इसके बारे में आपके साथ चर्चा नहीं करना चाहता। आप खुद कल्पना कर सकते हैं। यह अच्छा नहीं होगा।”
अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद ईरानी जहाज ने पार किया होर्मुज, भारत की ओर रवाना
अमेरिका द्वारा लागू संपूर्ण नाकाबंदी के बावजूद मंगलवार को ईरान का एक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर गया है। ईरान की राज्य मीडिया के अनुसार ईरानी झंडे वाला कार्गो जहाज शोजा 2 वर्तमान में अमेरिका द्वारा घोषित नाकेबंदी के बावजूद हरमुज की खाड़ी से गुजर रहा है। ईरान के अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज के अनुसार यह जहाज शहीद राजई बंदरगाह (बंदर अब्बास के पास) से रवाना हुआ था और अब भारत के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा है। समुद्री ट्रैकिंग डेटा (MarineTraffic) भी इस बात की पुष्टि करता प्रतीत होता है कि जहाज हरमुज की खाड़ी में सक्रिय रूप से गुजर रहा है।

