हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गांगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर दानपुण्य करने से पुण्य की प्राप्ती होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज ही के दिन भगवान विष्णु ने मतस्यावतार लिया था। एक अन्य कथा के अनुसार भगवान शिव ने कातिक पुर्णिमा के दिन ही त्रिपुरासुर का वध किया था। इसी कारण आज का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। आज वाराणसी अयोध्या समेत कई शहरों में देव दीपावली भी मनाई जाएगी। नदी के तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ है। आज घाटों पर लाखों श्रद्धालु पवित्र नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। आपको बता दें कार्तिक पूर्णिमा की तिथि का प्रारंभ 11 नवंबर को 6 शाम 6 बजकर 2 मिनट पर हुआ था और इसका समापन 12 नवंबर को 7 बजकर 4 मिनट पर समाप्त हो रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या समेत सभी धार्मिक शहरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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