शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ पर हमले में घायल हुए ड्राइवर बुद्धदेव बेरा के परिवार ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है. उन्होंने नई सरकार से आग्रह किया है कि वह ऐसा सख्त एक्शन ले कि पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. चंद्रनाथ रथ की बुधवार (7 मई, 2026) रात कोलकाता के समीप मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद बंगाल में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया. हमले के समय गाड़ी चला रहे बुद्ध बेरा को भी गोली लगी और उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें टीवी से इस घटना की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे तुरंत कोलकाता के लिए रवाना हो गए. बुद्धदेव के चाचा बिस्वजीत बेरा ने कहा, ‘हमें टीवी पर आई खबरों से पता चला कि मेरे भतीजे को गोली मार लगी है. अभी तक हमें यह नहीं पता कि हमला किसने किया और क्यों किया.’
उन्होंने कहा, ‘हमारी अब केवल यही इच्छा है कि वह स्वस्थ होकर सुरक्षित घर लौट आए.’ बुद्धदेव पूर्व मेदिनीपुर जिले में चांदीपुर पुलिस थाना क्षेत्र के मजनाबेरिया गांव का रहने वाला है. परिजनों के अनुसार, वह काम के सिलसिले में अधिकतर समय कोलकाता में रहता है और वीकेंड पर कभी-कभार घर आता है. घटना के बाद उनके माता-पिता के अलावा छोटा भाई और कई रिश्तेदार भी कोलकाता पहुंच गए हैं.
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए बुद्धदेव बेरा के चाचा ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले की सही जांच करे और अपराध में सीधे तौर पर शामिल लोगों की पहचान करे. उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि पश्चिम बंगाल में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों और किसी अन्य परिवार को इस दुख से न गुजरना पड़े.’
उनकी एक पड़ोसी रंजना घोराई ने भी हमले के जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की. उन्होंने कहा, ‘हमारे मोहल्ले में हम उसे सोना कहकर बुलाते हैं. हम चाहते हैं कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को मिसाल कायम करने वाली सजा मिले.’ चंद्रनाथ रथ के परिवार ने आरोपियों को आजीवन कारावास देने की मांग की है, जबकि शुभेंदु अधिकारी ने हत्या में शामिल लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की है.

