पंजाब में सियासी सरगर्मी के बीच अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार (7 अगस्त) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस बैठक के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या आगामी चुनाव को लेकर बीजेपी-अकाली दल गठबंधन की संभावना तलाश रही है.
सुखबीर सिंह बादल ने पीएम से मुलाकात के बाद कहा कि पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर बातचीत हुई है. इसके साथ साथ राज्य की सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर भी बात रखी है. बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस लगातार पंजाब की भगवंत मान सरकार को घेरती रही है.
केजरीवाल का तंज
राज्य की सियासत में समय-समय पर बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन को लेकर अटकलें लगती रही है. हालांकि बीजेपी के नेता इससे इनकार करते रहे हैं और लगातार संगठन मजबूत करने में जुटे हैं.
पिछले दिनों जब राघव चड्ढा और संदीप पाठक समेत सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी (आप) में बगावत की और बीजेपी में शामिल हुए तो इसे सियासी गलियारों में बीजेपी का ऑपेशन पंजाब माना गया.
पीएम मोदी से बादल की मुलाकात पर राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तंज कसा है. उन्होंने कहा, ”ना ना करते प्यार तुम्ही से कर बैठे. तो क्या चन्दा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है?”
लंबे समय तक रहा है अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन
बीजेपी और अकाली दल के बीच लंबे समय तक गठबंधन रहा है, लेकिन किसानों के मुद्दे पर सितंबर 2020 में गठबंधन टूट गया. इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल और बीजेपी दोनों अलग अलग लड़ी. 117 सीटों में आम आदमी पार्टी को 92, कांग्रेस को 18, अकाली दल को 3 और बीजेपी को एक सीट मिली. इसे पहले 2017 के चुनाव में कांग्रेस को 77, आप को 20, अकाली दल को 15 और बीजेपी को तीन सीटें मिली थी. वहीं 2012 में अकाली दल को 56, कांग्रेस को 46, बीजेपी को 12 सीटें मिली थी.

