Shivam Gupta

सिर्फ पानी ही तो मांगा, फिर शिवम गुप्ता को डिलीवरी बॉयज ने पीट-पीटकर मार डाला

दिल्ली के राजीव चौक (कनॉट प्लेस) में नए साल की शुरुआत में एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया था. यहां तीन डिलीवरी बॉय ने मिलकर 36 वर्षीय कारोबारी शिवम गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी. शिवम गुप्ता कनॉट प्लेस में पार्टी के लिए गया था, लेकिन वहां उसका विवाद फूड डिलीवर करने वाले डिलीवरी बॉयज के साथ हो गया. इसके बाद आरोपियों ने शिवम गुप्ता के सिर पर हेलमेट मार-मार कर उसे अधमरा कर छोड़ दिया.

घायल हालत में शिवम गुप्ता को पहले LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसके बाद RML अस्पताल में रेफर कर दिया गया. 17 दिन बाद बीते 19 जनवरी को शिवम गुप्ता की इलाज के दौरान मौत हो गई. मारपीट की वारदात 3 जनवरी की है.

पानी मांगने पर हो गई थी बहस

अपने इकलौते बेटे शिवम गुप्ता की मौत ने उसके परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर के रहने वाला शिवम 2 जनवरी को अपने एक दोस्त के साथ कनॉट प्लेस में एक पार्टी में गया था. रेस्टोरेंट से बाहर निकलने पर उसने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास ई ब्लॉक के नजदीक कंपनी के एक प्रतिनिधि से पानी मांगा, इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई.

पिता ने बताया कि इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि ने उसे हेलमेट से मारा और उसके दो साथियों (कंपनी के प्रतिनिधि) ने उसे घूंसे मारे और पैर से मारा. तीन जनवरी की रात करीब 1:30 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष (PCR) को जानकारी मिली कि सड़क पर एक घायल व्यक्ति बेहोश पड़ा है और और उसके शरीर से खून बह रहा है. शिवम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टर्स ने बताया कि उसके शरीर में कई जगह खून के थक्के पाए गए हैं. वह बयान देने की हालत में नहीं है.

शिवम के पिता अनिल कांत गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा दो जनवरी की शाम को एक पार्टी में शामिल होने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. वह उसे लगातार फोन करते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें फोन कर बताया कि उनका बेटा अस्पताल में एडमिट है. उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे.

खून की उल्टियां कर रहा था शिवम गुप्ता

अनिल कांत गुप्ता ने कहा, ‘‘जब हम अस्पताल पहुंचे तो उसकी हालत चिंताजनक थी. वह खून की उल्टी कर रहा था और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था. हमने डॉक्टर्स से बेहतर इलाज के लिए उसे दूसरे अस्पताल में भेजने का अनुरोध किया.’ बाद में डॉक्टर्स की टीम ने उसे तत्काल विशेष देखभाल के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी. शिवम को चार जनवरी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया और पांच जनवरी को उसकी सर्जरी हुई.

ठीक हो रहा था शिवम, लेकिन 17 दिन बाद चला गया

पिता ने कहा, ‘‘चिकित्सकों ने हमें स्पष्ट रूप से बताया कि चोटें जानलेवा हैं और तत्काल ऑपरेशन करना आवश्यक है. ऑपरेशन के बाद हमें बताया गया कि ठीक होने के लिए अगले 36 से 72 घंटे महत्वपूर्ण होंगे. कुछ समय के लिए उसमें सुधार के लक्षण दिखाई दिए. डॉक्टर्स के बुलाने पर वह प्रतिक्रिया दे रहा था. हमें उम्मीद थी, लेकिन 19 जनवरी को वह हमें छोड़कर चला गया.’’

पहाड़गंज इलाके में दो दुकानों के मालिक 61-वर्षीय अनिल कांत गुप्ता ने कहा कि शिवम उनका इकलौता बेटा था और परिवार का एकमात्र सहारा था. उन्होंने खुद थाने पहुंचकर वारदात का सीसीटीवी फुटेज देखा, जिसमें उनका बेटा जमीन पर लेटा हुआ था और उसका दोस्त उसके पास खड़ा था.

शिवम के दोस्त ने घरवालों को नहीं बताई वारदात की बात

शिवम के पिता ने आरोप लगाया, “मैंने पुलिस के साथ मिलकर घटना के कई सीसीटीवी फुटेज देखे. पुलिस ने मुझे बताया कि मेरे बेटे ने कंपनी के प्रतिनिधियों से पानी मांगा, तभी उनमें से एक से उसकी कहासुनी हो गई. गुस्से में आकर उसने बार-बार मेरे बेटे के सिर पर हेलमेट मारा. वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा और उसके साथ गया उसका दोस्त उसके पास ही खड़ा था. मुझे समझ नहीं आता कि उसने हमें इस पूरी घटना की जानकारी क्यों नहीं दी.”

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