सितंबर के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद गिरावट देखने को मिली। शुरुआती बढ़त के बावजूद बिकवाली हावी होने से सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए। मिडकैप शेयरों में दबाव अधिक रहा, जबकि ITC और HCL टेक समेत कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 12.99 अंक यानी 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 76,944.28 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 24.60 अंक फिसलकर 24,055.80 पर आ गया। बाजार में कमजोरी का असर व्यापक रहा, जहां 2,476 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 1,655 शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों पर दबाव
निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस 5% से ज्यादा टूटकर सबसे बड़ा लूजर रहा। बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव दिखा और एक्सिस बैंक, ICICI बैंक व SBI में करीब 2-3% की गिरावट दर्ज हुई। कमजोर अगस्त डिस्पैच के चलते मारुति सुजुकी करीब 5% फिसलकर एक महीने के निचले स्तर पर पहुंचा, जबकि नेस्ले इंडिया और इंटरग्लोब एविएशन भी 3% से अधिक टूटे।
ITC ने संभाला बाजार का मोर्चा
गिरते बाजार में ITC ने दमदार प्रदर्शन करते हुए करीब 4.6% की बढ़त दर्ज की और Nifty 50 का टॉप गेनर रहा। HCL टेक, अडानी पोर्ट्स और भारती एयरटेल में भी 3-4% तक तेजी दिखी। वहीं, अगस्त की बेहतर बिक्री से टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर में करीब 1% की मजबूती आई।
मिडकैप और बैंकिंग इंडेक्स में ज्यादा गिरावट
महीने के पहले कारोबारी दिन लार्जकैप के मुकाबले व्यापक बाजार में ज्यादा कमजोरी रही। मिडकैप इंडेक्स करीब 1.4% गिरा, जबकि बैंक निफ्टी भी लगभग 1% टूट गया। SBI और एक्सिस बैंक समेत प्रमुख बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी चिंता
शेयर बाजार की कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी अहम वजह रहीं। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी, जिससे ब्रेंट क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

