तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। 23 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। राहत और बचाव अभियान जारी है।
इस भूकंप के बाद भारत में भी लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या इसका असर भारतीय क्षेत्रों पर पड़ सकता है?
दरअसल, भारत और तिब्बत हिमालयी भूकंपीय क्षेत्र के आसपास स्थित हैं। भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण हिमालय क्षेत्र में भूकंप आने का खतरा बना रहता है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे हिमालयी क्षेत्रों में भूकंप के जोखिम को गंभीरता से लिया जाता है।
हालांकि, सिर्फ तिब्बत में भूकंप आने के आधार पर भारत में बड़े भूकंप या भारी नुकसान की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। इसका संभावित असर भूकंप के केंद्र, गहराई, दूरी और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के जोखिम वाले क्षेत्रों में भवन सुरक्षा और आपदा तैयारियां बेहद जरूरी हैं। फिलहाल, भारत में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि के बिना खतरे को लेकर अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

