प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर विपक्ष पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी देश किसी बड़े संकट का सामना करता है, तब उनके कुछ आलोचक इस उम्मीद में खुश होते हैं कि अब भारत मुश्किल में फंस जाएगा और सरकार कमजोर पड़ जाएगी।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में युवाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।
पीएम मोदी ने कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में पैदा हुए संकट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हर बार कुछ लोगों ने उम्मीद जताई कि अब भारत मुश्किलों से बाहर नहीं निकल पाएगा। उनके मुताबिक, आलोचक यह सोचकर खुश थे कि अब मोदी फंस गया है और सरकार गिर जाएगी।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि देशवासियों के आशीर्वाद और सहयोग की ताकत से भारत ने हर चुनौती का सामना किया और देश को विफल देखने वालों की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं।
इसी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का भी जिक्र किया और कहा कि इस टिप्पणी के बाद उनके आलोचकों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होने की चर्चा है।

