Chinese Communist Party Agents

दुनिया भर के देशों में महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात हैं चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के दलाल,बड़ी कंपनियों में लगा रखी है सेंध

विदेश

चीन से बढ़ रहे तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया के मीडिया ने सोमवार को चीनी Communist Party के सदस्यों के नाम, जन्म तिथि, राष्ट्रीय पहचान नंबर और उनके पार्टी पद प्रकाशित किए है। इसमें उन करीब 20 लाख लोगों का विवरण है जिनके नाम बीते सप्ताह डाटाबैंक लीक में सामने आए हैं। ये सभी लोग दुनिया भर के देशों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे हैं। द ऑस्ट्रेलियन अखबार ने बताया है कि Communist Party के सदस्य किस तरह से दुनिया के सबसे बड़े रक्षा क्षेत्र के निगमों, बैंकों, दवा कंपनियों आदि में काबिज हैं। इनमें बोइंग, फॉक्सवैगन, फाइजर, एस्ट्राजेनेका जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। एएनजेड और एचएसबीसी जैसे बड़े बैंक शामिल हैं।

बोइंग, फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों में भी कम्युनिस्ट पार्टी कार्यकर्ता
ये वे लोग हैं जो चीन की Communist Party के पंजीकृत सदस्य हैं। उन्होंने पार्टी हित के लिए जान देने की शपथ ली हुई है। इनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य Communist Party के हितों की रक्षा करना है। कम्युनिस्ट पार्टी के इन सदस्यों की जानकारी पार्टी कार्यालय के शंघाई सर्वर से लीक हुई है। बताते हैं कि Communist Party के बारे में यह बहुत कम सूचना है लेकिन इससे उसकी खतरनाक योजनाओं और व्यापक पैमाने पर बनाए गए खुफियागीरी के संजाल का पता चलता है।

शंघाई के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में भी चीन की घुसपैठ

द ऑस्ट्रेलियन की जांच में पाया गया है कि शंघाई स्थित 10 विदेशी वाणिज्य दूतावासों में Communist Party के इन सदस्यों ने घुसपैठ कर रखी है। ये दूतावास अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि के हैं। ये वहां पर कार्य करते हुए नीतियों को प्रभावित करते हैं और वहां की सूचनाएं Communist Party को उपलब्ध कराते हैं। ये सदस्य 79 हजार अन्य संस्थाओं और कार्यालयों में भी घुसे हुए हैं। इनमें कई महत्वपूर्ण कंपनियां, विश्वविद्यालय और सरकारी संस्थान शामिल हैं। कई देशों में ये सुरक्षा व्यवस्था से भी जुड़े हुए हैं।


विशेषज्ञ इसे अपनी तरह का पहला रहस्योद्घाटन मान रहे हैं। इसने दुनिया के सामने चीन की पूरी असलियत खोलकर रख दी है। सूत्रो के अनुसार राष्ट्रपति और पार्टी प्रमुख Xi Jinping के नेतृत्व में Communist Party किस तरह से कार्य कर रही है, यह उसका नमूना है। वह पूरी दुनिया को अपनी मुट्ठी में लेना चाहती है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि दुनिया की बड़ी कंपनियां और संस्थान अपनी बौद्धिक संपदा को बचाए रखने के लिए कुछ खास नहीं कर रहे हैं, इसका नतीजा है कि उनकी जानकारी चीन तक पहुंच जाती है।

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